कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को कटनी-शहडोल मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। वे बड़वारा थाना प्रभारी को निलंबित करने और मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना बड़वारा थाना क्षेत्र के खरहटा ग्राम से संबंधित है। खरहटा निवासी शानि बर्मन (पिता गोरे लाल बर्मन) का शव 21-22 अक्टूबर की रात बिलायत रेलवे लाइन पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। परिजनों ने शुरुआत से ही इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या या आत्महत्या के लिए उकसाने का संदेह व्यक्त किया था। न्याय न मिलने से आक्रोशित मृतक के परिजन और खरहटा ग्राम के बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को एकजुट हुए। उन्होंने शहडोल-कटनी मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया। मृतक शानि बर्मन के पिता गोरेलाल बर्मन ने आरोप लगाया है कि घटना वाले दिन उनके बेटे के साथ गांव के कुछ व्यक्तियों ने मारपीट की थी। उनका मानना है कि इसी से नाराज होकर शानि ने यह कदम उठाया। इन पर लगा मारपीट का आरोप गोरेलाल बर्मन ने रामदीन बर्मन, भगवान दास बर्मन, धन्नू शाहू, अर्जुन बर्मन, शम्भू बर्मन और सुदामा बर्मन सहित गांव के सात व्यक्तियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनकी मुख्य मांगें हैं कि शानि बर्मन की मौत के मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए। आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी व्यक्तियों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई हो। टीआई को सस्पेंड करने की मांग मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बड़वारा थाना प्रभारी केके पटेल को निलंबित किया जाए। परिजनों का आरोप है कि वे घटना के बाद से लगातार बड़वारा थाने में जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लेकिन थाना प्रभारी केके पटेल ने अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है। इसी कथित लापरवाही के कारण ग्रामीणों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।


