कटनी के ढीमरखेड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत गोपालपुर में पदस्थ रोजगार सहायक रूपेंद्र सिंह ने मंगलवार दोपहर गांव के जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से जिले के रोजगार सहायक संघ में नाराजगी फैल गई है। रोजगार सहायक संघ ने किया विरोध प्रदर्शन बुधवार को ग्राम रोजगार सहायक संघ ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और जिले भर से आए सैकड़ों रोजगार सहायक जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया है कि मृतक रूपेंद्र सिंह पिछले तीन माह से मानदेय (वेतन) न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। पदाधिकारियों ने बताया कि रूपेंद्र सिंह लंबे समय से बीमार भी थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे अपना उचित इलाज नहीं करवा पा रहे थे। काम के तनाव, आर्थिक तंगी से परेशान होकर किया सुसाइड इसके अतिरिक्त, उन पर एस.ई.आर (SIR) के काम का भी अत्यधिक दबाव था, जिसके कारण वे लगातार तनाव में थे। संघ का आरोप है कि मानदेय का अभाव, बीमारी और काम के दबाव के संयुक्त तनाव ने ही रूपेंद्र सिंह को यह कदम उठाने पर मजबूर किया। संघ ने अपनी मांगों में कहा है कि मृतक रूपेंद्र सिंह के परिवार के किसी एक सदस्य को तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए और परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, कटनी जिले के सभी सहायक सचिवों/रोजगार सहायकों का पिछले तीन माह का लंबित मानदेय अविलंब जारी किया जाए। मौन धारण कर मृतक दी श्रद्धांजलि रूपेंद्र सिंह कटनी जिले की सिलौंडी पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गोपालपुर में रोजगार सहायक के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और सैकड़ों रोजगार सहायक सचिवों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में ही मौन धारण कर मृतक को श्रद्धांजलि दी।


