कटनी में बुधवार को मध्य प्रदेश स्थाई कर्मी कल्याण जिला संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में आउटसोर्स और स्थाई कर्मियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वाले कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे वर्षों से शासकीय विभागों में निष्ठापूर्वक सेवाएँ दे रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। प्रदर्शन का मुख्य कारण वेतन विसंगति और नियमितीकरण की मांग थी। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें लंबे समय से कार्यरत आउटसोर्स और स्थाई कर्मियों को नियमित कर शासकीय कैडर में शामिल करना, तथा अन्य शासकीय सेवकों की तरह स्थाई कर्मियों को भी सातवें वेतनमान का लाभ तत्काल प्रभाव से देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सेवाकाल के दौरान मिलने वाले अवकाश, चिकित्सा सुविधा और अन्य भत्तों को नियमित कर्मचारियों के समान लागू करने की भी मांग की गई। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे शासन के महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, लेकिन अधिकारों की बात आने पर उन्हें आउटसोर्स या अस्थाई बताकर टाल दिया जाता है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द उनकी मांगों पर ध्यान देने और सम्मानजनक वेतन व सुविधाएँ प्रदान करने की अपील की। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनके मांग पत्र को राज्य सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय तक उचित माध्यम से पहुँचाया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।


