भास्कर न्यूज | रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने जिले में बढ़ती शीतलहर को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश और स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष दिसंबर और जनवरी में शीतलहर की स्थिति बनती है, जिसके कारण चलने वाली तीखी सर्द हवाएं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। सीएमएचओ ने कहा कि शीतलहर का नकारात्मक असर सबसे अधिक बुजुर्गों, 5 वर्ष तक के बच्चों, दिव्यांगजनों, बेघर व्यक्तियों, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों और खुले स्थान पर कार्य करने वाले छोटे व्यवसायियों पर पड़ता है। ऐसे में सभी नागरिकों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए। { संभव हो घर के भीतर रहें, और केवल बहुत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। { बाहर निकलते समय टोपी, मफलर, गर्म कपड़े, सिर और कान को ढंककर रखें। { मौसम और आपातकालीन सूचना से जुड़े समाचारों पर लगातार ध्यान दें। { बिजली बाधित होने की स्थिति में फ्रीज का सामान 48 घंटे से अधिक न रखें। { ऐसे घर/कमरे का उपयोग करें, जहां तापमान संतुलित रहे। { गर्म पेय व पौष्टिक भोजन का सेवन करते रहें। { बुजुर्गों व बीमार व्यक्तियों को कभी अकेला न छोड़ें, उनकी लगातार देखभाल करें। { यदि नाक, कान, हाथ-पैर की उंगलियां लाल होने लगें, अत्यधिक कंपकंपी, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी दिखाई दे, तो तत्काल स्थानीय चिकित्सक से संपर्क करें।


