छत्तीसगढ़ के कोरबा में पिछले 3-4 महीने से चल रहे कथित लव-जिहाद मामले में गुरुवार को हिंदू जागरण मंच ने अपर कलेक्टर और विवाह अधिकारी ज्ञापन सौंपा है। जिस पर एसपी को धोखे से बनाए गए डॉक्यूमेंट की जांच के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, कटघोरा निवासी तौसीफ मेमन और युवती ने विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत जिला विवाह अधिकारी के समक्ष विवाह के लिए आवेदन किया है। न्यायालय प्रक्रिया के तहत इश्तिहार पेश होने के बाद शादी के खिलाफ युवती की मां और राजपूत क्षत्रिय समाज के सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई है। मैरिज सर्टिफिकेट में लिखवाया सोना मेमन 24 वर्षीय तौसीफ मेमन पर आरोप है कि उसने युवती का नाम बिना किसी संवैधानिक प्रक्रिया के “सोना मेमन” लिखवाकर मैरिज सर्टिफिकेट अटैच किया है। यह कार्रवाई षड्यंत्रपूर्वक, जालसाजी और धोखाधड़ी करते हुए प्रशासन और न्यायालय को गुमराह करने का कोशिश बताई जा रही है। युवती पर दबाव बनाने का आरोप आरोप यह भी है कि पीड़िता को डरा-धमकाकर और प्रलोभन देकर कलकत्ता (पश्चिम बंगाल) ले जाकर उस पर दबाव बनाया गया। इससे जबरदस्ती सहमति प्रदान करवाई गई थी, जिसे उच्च न्यायालय बिलासपुर में स्वीकार किया गया है। जांच रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए विभिन्न संगठनों का आरोप है कि यह न्यायालय और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहा है। अपर कलेक्टर कोरबा और विवाह अधिकारी ने जांच कर फौरान रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। ……………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें… कथित लव-जिहाद…हाईकोर्ट ने शादी को माना अवैध:डिवीजन बेंच ने युवती को सखी सेंटर में रखने का दिया आदेश, परिजन बोले-झूठ बोलकर ले गया युवक छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लव जिहाद मामले में मुस्लिम युवक की तरफ से दायर हैबियस कॉर्पस पिटीशन हाईकोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने मध्यस्थता केंद्र की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि यह शादी वैध नहीं है। याचिका को निराकृत कर युवती को सखी सेंटर में रखने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…


