कनकी औद्योगिक भूखंड आवंटन पर विधानसभा में सवाल:विधायक अनुभा मुंजारे ने प्रक्रिया को मनमानी बताकर निरस्त करने की मांग की

बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के कनकी में औद्योगिक भूखंड आवंटन प्रक्रिया का मुद्दा अब विधानसभा में उठ गया है। कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने इस मामले में तारांकित सवाल के जरिए सदन में मंत्री से जवाब मांगा है। उन्होंने आवंटन प्रक्रिया को मनमानीपूर्ण बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। विधायक मुंजारे ने आरोप लगाया कि आवंटन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और विभागीय मंत्री से प्रत्यक्ष भेंट कर अनियमितताओं पर आपत्ति दर्ज कराई और इसे रद्द करने का आग्रह किया। मुंजारे के अनुसार, प्रशासन ने कनकी के नवनिर्मित औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड आवंटन में मनमानी की है। विधायक ने बताया हितग्राहियों को रोजगार के लिए भूखंड नहीं मिले उन्होंने बताया कि वास्तविक हितग्राहियों को रोजगार के लिए भूखंड नहीं मिले। इसके बजाय, उन लोगों को भूखंड आवंटित कर दिए गए जिनके पास पहले से ही उद्योग हैं, या फिर एक ही व्यक्ति को तीन या चार प्लॉट आवंटित कर दिए गए। यह प्रक्रिया कागजी तौर पर भीतर ही भीतर अंजाम दी गई, जिसमें मिलीभगत और सांठगांठ से इनकार नहीं किया जा सकता। विधायक ने यह भी बताया कि इस भूखंड आवंटन में बालाघाट के गरीब, पिछड़े और जरूरतमंद परिवारों के साथ-साथ अनुसूचित जाति, जनजाति को पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए। यहां कुल 72 भूखंडों का आवंटन किया गया है। अधिकारियों ने सरकार के नियमों की अनदेखी की, जिससे वंचितों के अधिकारों की उपेक्षा हुई है। विधायक बोलीं- आवंटन प्रक्रिया को निरस्त कर नवीन प्रकिया की जाए कांग्रेस विधायक ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक-एक आवेदक को चार या उससे अधिक प्लॉट आवंटित किए गए हैं, तो क्या जिले में अन्य पात्र हितग्राही नहीं थे? उन्होंने सदन और विधानसभा अध्यक्ष को अवगत कराया कि कनकी में भूखंड आबंटन में समय में उचित, प्रतिष्ठित अखबारों में विज्ञापन का प्रचार प्रसार नहीं किया गया। उन्होंने सरकार के उद्योग मंत्री और सदन से आग्रह किया कि इस पूरी आवंटन प्रक्रिया को निरस्त कर पुनरू नवीन प्रकिया की जाए। ताकि वास्तविक हितग्राहियों को उद्योग लगाने के लिए अवसर प्राप्त हो सके और वे रोजगार से जुड़ सके। मंत्री ने सदन में सवाल का जवाब देते हुए बताया कि पहली बार एमएसएमई के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के लिए जमीन आबंटित की गई है। यह प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शितापूर्ण है।

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