नीमच जिले के कनावटी गांव में खेल मैदानों पर अतिक्रमण बढ़ने के विरोध में मंगलवार शाम ग्रामीण और खिलाड़ी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार को ज्ञापन देकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर खेल मैदान के रूप में विकसित करने की मांग की। मैदानों पर कब्जे से खेल प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 5 हजार की आबादी वाले इस गांव में 4 से 5 स्कूल हैं और यहां खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। लेकिन अब अभ्यास के लिए जगह लगभग खत्म हो चुकी है। पहले कनावटी की क्रिकेट टीमें क्षेत्र में प्रसिद्ध थीं और बड़े टूर्नामेंट भी आयोजित होते थे। लेकिन धीरे-धीरे प्रभावशाली लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर मैदानों का अस्तित्व खत्म कर दिया। अभ्यास के लिए 10 किलोमीटर दूर जाने को मजबूर वर्तमान में खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए 5 से 10 किलोमीटर दूर अन्य मैदानों पर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जिला जेल परिसर और कर्मचारी कॉलोनी के पास स्थित 10 से 12 बीघा शासकीय जमीन का उल्लेख किया। उनका कहना है कि यह जमीन खेल के लिए पूरी तरह उपयुक्त है, लेकिन लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। खेल मैदान के रूप में सुरक्षित करने की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि यह जमीन तुरंत अतिक्रमण मुक्त कर खेल मैदान के रूप में सुरक्षित की जाए, ताकि गांव के बच्चों का भविष्य संवर सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे आगे उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं। इस मामले में शासन की खेल प्रोत्साहन योजनाओं का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने जोर दिया कि खेल और युवाओं के विकास के लिए मैदानों का संरक्षण जरूरी है।


