राज्य के सबसे बड़े थोक कपड़ा मार्केट पंडरी में दुकानें अभी भी नियम विरुद्ध मेन रोड की ओर खुल रही हैं। उन दुकानों के सामने ग्राहकों की गाड़ियां पार्क हो रही हैं और हमेशा की तरह ट्रैफिक जाम हो रहा है। महापौर मीनल चौबे के निरीक्षण और उनकी सख्त चेतावनी के बाद भी मार्केट का सिस्टम नहीं बदला। जोन-2 के कमिश्नर की ओर से नियम विरद्ध दुकान खोलने वाले कारोबारियों को नोटिस तक नहीं दिया गया, जबकि महापौर ने नोटिस देकर नियम विरुद्ध खुले दुकान के शटर को बंद करवाने के निर्देश दिए थे। महापौर के निरीक्षण के बाद रोड किनारे लगी लोहे की रेलिंग को हटाया गया है। अब वहां कारें पार्क हो रही हैं। हालांकि इससे मार्केट में लोगों को जाम से राहत नहीं मिली है क्योंकि दुकानों के सामने सड़क पर अभी भी गाड़ियां खड़ी हो रही हैं। निगम के रवैये को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भी नो पार्किंग में कार्रवाई बंद कर दी है। कपड़ा मार्केट की मेन रोड पर गाड़ियां पार्क करने वालों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गाड़ियों को हटाया भी नहीं जा रहा है। महापौर ने खुद दी थी शटर बंद करने की हिदायत महापौर चौबे 18 मार्च को लोगों की शिकायत के बाद पंडरी कपड़ा मार्केट पहुंची थी। वहां उन्होंने खुद देखा कि मार्केट के भीतर और सड़क की ओर कारोबारियों ने दुकान का शटर खोल लिया है। इस वजह से सड़क पर गाड़ियां पार्क हो रही है। उन्होंने कुछ कारोबारियों को सड़क की ओर शटर बंद करने की हिदायत भी दी थी। फिर जोन कमिश्नर को नोटिस देकर तीन दिनों का समय देने का निर्देश दिया। उसके बाद दुकान सील करने को कहा था। उसके बाद भी न तो अफसरों ने कार्रवाई की और न ही बाजार के सिस्टम में कुछ बदलाव हुआ। नतीजा लोग सुबह शाम अभी भी जाम में फंस कर परेशान हो रहे हैं। कोर्ट में केस चलने का दे रहे हवाला जोन-2 के अधिकारी कपड़ा मार्केट का विवाद कोर्ट में होने का हवाला देकर कार्रवाई से बच रहे है। उनका कहना है कि कुछ कारोबारियों ने इस मामले को लेकर कोर्ट में अर्जी लगाई है। उस पर अब तक कोर्ट का फैसला नहीं आया है। कोर्ट का जो भी निर्देश आएगा। उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


