सबलगढ़ कस्बे में दस दिन पहले एक युवक का अर्द्धजला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी, लेकिन इतने दिनों बाद भी पुलिस जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस बात से नाराज मृतक के परिजन सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मिले और सबलगढ़ पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। 6 दिसंबर की घटना
यह मामला सबलगढ़ के वार्ड क्रमांक 13, खारे का कुआं क्षेत्र का है। यहां रहने वाले राजेश माहौर के 22 वर्षीय बेटे अंकेश माहौर का शव 6 दिसंबर की सुबह शमशान और कब्रिस्तान के बीच अधजली हालत में मिला था। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। किसी लड़की ने मिलने बुलाया था, सुबह शव मिला
परिजनों के अनुसार, 5 दिसंबर की रात करीब 9 बजे अंकेश ने परिवार के साथ खाना खाया और इसके बाद अपने कमरे में चला गया। रात करीब 12 बजे तक वह मोबाइल पर किसी लड़की से चैट कर रहा था। आधी रात को उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया, जिसके बाद वह घर से बाहर निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगली सुबह स्थानीय लोगों ने परिजनों को बताया कि अंकेश का जला हुआ शव कब्रिस्तान के पास पड़ा है। परिजनों का कहना है कि अंकेश का मोबाइल पुलिस के पास है और उसमें एक लड़की से की गई चैट मौजूद है। उन्हें शक है कि इसी बातचीत के चलते उसकी हत्या की गई है। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बजाय उनसे ही जानकारी मांग रही है। परिजनों ने जल्द कार्रवाई की मांग की
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच जारी है। मृतक जिस नंबर पर चैट करता था, वह महाराष्ट्र का बताया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।


