भास्कर न्यूज | राजनांदगांव शिक्षा विभाग के अफसरों ने जिले के कमजोर नतीजे वाले हायर सेकेंडरी स्कूलों का एक दिन में एकसाथ अवलोकन किया। उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई का स्तर देखा और बच्चों से फीड बैक लिया। ऑनलाइन कोचिंग के साथ ब्लू प्रिंट आधारित प्रश्न बैंक से तैयारी कराई जा रही या नहीं इसकी जानकारी ली। मेंटरशिप प्रोग्राम के अंतर्गत शिक्षकों को कमजोर बच्चों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में बोर्ड परीक्षा के नतीजों में सुधार लाने शिक्षा विभाग के अफसरों द्वारा कई प्रयोग और प्रयास किया जा रहा है। डीईओ प्रवास कुमार सिंह बघेल के निर्देशन में अफसरों की टीम ने कमजोर परिणाम वाले हायर सेकेंडरी स्कूलों का अवलोकन किया। राज्य स्तर पर जिले द्वारा संचालित की जा रही ऑनलाइन कोचिंग और ब्लूप्रिंट आधारित प्रश्न बैंक से परीक्षा की तैयारी को स्कूलों में देखा गया। ऑनलाइन क्लासेस को यू ट्यूब से लिंक किया गया है। जिला स्तर पर बच्चों और शिक्षकों ने इस प्रयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लास कंट्रोल रूम स्वामी आत्मानंद बख्शी स्कूल से चलने वाली ऑनलाइन क्लास से बच्चों को जाड़ा जा रहा है। ऑनलाइन क्लास और रिवीजन की दी जानकारी जिले के सहायक कार्यक्रम समन्वयक और एडीपीओ ने स्कूलों का अवलोकन किया। रोहित सिन्हा एडीपीओ समग्र शिक्षा, केपी विश्वकर्मा, पीआर झाड़े बखरू टोला, बेंदाडी हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंच और शिक्षकों से चर्चा की। एमआर अंसारी, मनोज मरकाम और आदर्श वासनिक एपीसी समग्र शिक्षा ने अर्जुनी, मनेरी, कोकपुर, कुतुलबोड, भाटागांव स्कूल का अवलोकन कर बच्चों से फीडबैक लिया। बच्चों ने ऑनलाइन क्लास से उनको उस विषय के रिवीजन के बारे में जानकारी दी। तीन दिन में ही 1700 सब्सक्राइबर हो गए प्रणीता शर्मा, नेहा साहू, कामिनी साहू, एपीसी समग्र शिक्षा ने चांदो, गिदर्री स्कूल का अवलोकन किया। शिक्षकों एवं बच्चों को समय सारिणी बनाकर, लिख कर नोट्स बना कर तैयारी करने कहा गया। शिक्षा विभाग के नवाचार को राज्य स्तर पर सराहना मिली है। विषय विशेषज्ञों ने ब्लूप्रिंट पर आधारित प्रश्न बैंक तैयार किया। सेजस बख्शी स्कूल के कंट्रोल रूम से ऑनलाइन क्लास चल रही है। यू ट्यूब लिंक से बच्चे जुड़ रहे हैं। महज 3 दिन के भीतर ही 1700 से अधिक सब्सक्राइबर के साथ यू ट्यूब लिंक मोनोटाइज हो गया है।


