कम्पोजिशन स्कीम बनी ‘टैक्स चोरी स्कीम’:सप्लाई के फर्जी बिल लगाए, टर्नओवर भी कम दिखा 17% तक जीएसटी चोरी

छोटे व्यापारियों को सरल टैक्स व्यवस्था देने के उद्देश्य से शुरू की गई कम्पोजिशन स्कीम समय के साथ बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का जरिया बन चुकी है। इस स्कीम के तहत व्यापारी कुल कारोबार पर सिर्फ 1% और रेस्टोरेंट 5% टैक्स देते हैं। बड़ी संख्या में लोग कम्पोजिशन में रजिस्टर्ड तो हैं, पर उनके पास न दुकान है और न वास्तविक कारोबार। बड़े व्यापारी इन्हीं फर्मों की आड़ में बिना बिल सामान बेचते हैं और बाद में इन्हीं कम्पोजिशन रजिस्ट्रेशन से सप्लाई दिखाकर कागजों में कारोबार पूरा कर देते हैं। इससे वास्तविक टैक्स सरकार तक नहीं पहुंच पाता। भास्कर ने बस्तर, रायपुर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग की 30 से अधिक पंचायतों की पड़ताल की और 85 से ज्यादा विकास कार्यों के भुगतान बिल देखे। पड़ताल में सामने आया कि स्कीम का दुरुपयोग ऐसे होता है कि 18% जीएसटी वाले सामान की बिलिंग कम्पोजिशन फर्मों से कराई जाती है। ग्राहक से 5–18% तक टैक्स वसूला जाता है, लेकिन सरकार को टैक्स 1% या 5% ही दिया जाता है। चूंकि ऐसे प्रत्येक फर्म के जांच के लिए सरकार के पास कोई निश्चित व्यवस्था नहीं है, इसलिए इनके सत्यापन के अभाव में ज्यादातर मामलों में कार्रवाई भी नहीं हो पाती। दो साल में 1064 कम्पोजिशन डीलर्स को नियमित में शिफ्ट किया : विभाग का दावा है कि गलत जानकारी देकर टैक्स चोरी करने वाले डीलर्स पर कार्रवाई भी की गई है। 2024–25 में 6 डीलरों से 53.85 लाख और 2025–26 में अब तक 2 डीलरों से 13.02 लाख रुपए की वसूली भी की जा चुकी है। 1.5 करोड़ रुपए के व्यापार की सीमा पार करने वाले 1064 कम्पोजिशन डीलरों को नियमित जीएसटी में शिफ्ट किया गया। रायगढ़ : दुकान कागज में, रोजगार सहायक की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड रायगढ़ के लैलूंगा ब्लॉक की आमापाली पंचायत में कुआं निर्माण के लिए सरिता चौहान के तरंग ट्रेडर्स के नाम पर 1.74 लाख रुपए का बिल लगा, GST नंबर 22CHTPC3098N1ZT, बिल क्रमांक 357, 8 जून 2024 को जमा यह बिल 1.74 लाख का था, जिसका भुगतान दिसंबर में हुआ। सरिता के पति रोजगार सहायक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष हैं। जांच में पता चला कि फर्म का पता उनके ही मकान पर है, जबकि वहां न दुकान है न गोदाम। बलौदाबाजार : सेन्ट्रिंग के नाम पर की बिलिंग
बलौदाबाजार के कसडोल ब्लॉक में दर्रा (म) पंचायत में पीडीएस दुकान निर्माण कार्य में निर्माण सामग्री का बिल शिवा ट्रेडर्स कम्पोजिशन जीएसटी नंबर 22DSFPS8817H2ZE से बिल क्रमांक 59 पंचायत में भुगतान के लिए दिया गया। 29 जनवरी 2024 को लगा यह बिल कुल एक लाख 99 हजार 136 रुपए का है, इसमें सेंट्रिंग मेटेरियल और मिस्त्री के भुगतान के नाम पर 42 हजार 234 रुपए की बिलिंग की गई है। दंतेवाड़ा: कंस्ट्रक्शन सामान के लिए भी बिल
दंतेवाड़ा के कटेकल्याण ब्लाक में सुरनार पंचायत में पुलिया निर्माण कार्य हुआ। भोलेनाथ कंस्ट्रक्शन कम्पोजिशन जीएसटी नंबर 22EPXPK6564R1ZP के बिल क्रमांक 249 से 15 अप्रैल 2024 को एक लाख 97 हजार 392 रुपए का बिल प्रस्तुत किया गया। इसमें सामान का भाड़ा 40 हजार और सेंट्रिंग मेटेरियल 30,578 रुपए की बिलिंग की गई है। कम्पोजिशन में सर्विस की बिलिंग प्रतिबंधित है। सीधी बात – पुष्पेंद्र मीणा, जीएसटी कमिश्नर ऐसे व्यापारियों पर नजर, जो कारोबार कम करके दिखा रहे, समय-समय पर जांच करके गड़बड़ी पकड़ी जा रही कम्पोजिशन स्कीम की आड़ में टैक्स चोरी हो रही है, आपको जानकारी है?
-समय-समय पर जांच होती है, औचक जांच में भी गड़बड़ी पकड़ी जाती है, विभागीय टीम कार्रवाई करती है। विभाग ऐसी टैक्स चोरी रोकने के लिए क्या कर रहा है?
-टीम जांच करती है, ऐसे व्यापारियों पर नजर रहती है जो कारोबार को कम करके दिखाते हैं। ऐसे व्यापारियों की बिलिंग, भौतिक सत्यापन कर प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। टैक्स चोरी पर कैसी कार्रवाई करता है विभाग?
-जुर्माना के साथ ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन सस्पेंड भी करते हैं। टर्नओवर कम दिखाने वाले व्यापारियों को कम्पोजिशन से रेगुलर में शिफ्ट करते हैं। यह है जीएसटी की कम्पोजिशन स्कीम कम्पोजिशन के नाम पर ऐसे होती है टैक्स चोरी शहरों में भी कम्पोजिशन स्कीम का दुरुपयोग भिलाई, रायपुर और बिलासपुर में कई रेस्टोरेंट व कपड़ा दुकानें कम्पोजिशन में रजिस्टर्ड हैं। ये ग्राहक से टैक्स तो लेती हैं, लेकिन नकद बिलों को सॉफ्टवेयर से डिलीट कर वास्तविक बिक्री कम दिखाती हैं। यूपीआई पेमेंट को ही कारोबार बताकर कम टर्नओवर दिखाया जाता है। रायपुर के पंडरी क्षेत्र में बड़े शोरूम भी कम बिक्री दिखाकर स्कीम का लाभ ले रहे हैं।

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