कम्पोस्टेबल उत्पाद को लेकर एसोसिएशन आॅफ कम्पोस्टेबल प्रोडक्ट्स इन इंडिया (एसीपीआई) का 10 जनवरी से दो दिवसीय सम्मेलन होटल रम्या में आयोजित होगा। इसमें चैन्नई, मुम्बई, गुजरात, दिल्ली सहित विदेश से भी विशेषज्ञ भाग लेंगे। वर्तमान में भारत में 128 कंपनियों को कम्पोस्टेबल उत्पादों के निर्माण का लाइसेंस प्राप्त है जिनमें से एसीपीआई के 60 सक्रिय सदस्य जुड़े हैं। एसीपीआई प्रमुख सदस्य अशोक बोहरा ने बताया कि हमने इस तरह के प्लास्टिक बैग्स तैयार किए हैं जो न केवल प्लास्टिक जितने मजबूत और कुशल हैं। बल्कि पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये एक बार में उपयोग लेने के बाद 180 दिन में पूरी तरह खाद्य में परिवर्तित हो जाते हैं। पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि राजस्थान में प्लास्टिक के निर्माण पर प्रतिबंध होने के बावजूद इसका उपयोग जारी है। जबकि कम्पोस्टेबल उत्पाद इसका एक बेहतर विकल्प हो सकता है। कम्पोस्टेबल उद्योग न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद कर सकता है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सकता है।


