भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) में 2 दिवसीय किसान मेला शुरू हुआ, जिसमें पंजाब समेत विभिन्न राज्यों के किसानों के साथ अमेरिका के प्रोफेसर और स्टूडेंट्स भी शामिल हुए। किसानों ने खरीफ फसलों के उन्नत बीज, जैविक खाद, कृषि साहित्य और घरेलू उत्पाद खरीदे। लाइव डेमोंस्ट्रेशन और एग्रो-इंडस्ट्रियल प्रदर्शनी में नई तकनीकों की जानकारी ली और वैज्ञानिकों से खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान पाया। मेले का उद्घाटन वर्ल्ड फूड प्राइज विजेता डॉ. गुरदेव सिंह खुश ने किया, जिन्हें धान की उन्नत किस्मों पर शोध के लिए “पैडी डैडी” कहा जाता है। उन्होंने किसानों से कम अवधि वाली धान की किस्में अपनाने और भूजल संरक्षण के लिए जल्दी बुवाई से बचने की अपील की। मेले की अध्यक्षता कर रहे पीएयू के वीसी डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने धान की नई किस्म पीआर 132, टार-वाटर डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक और संशोधित कंबाइन हार्वेस्टर अपनाने की सलाह दी। उन्होंने पंजाब में कपास की घटती खेती पर चिंता जताई, जो 7.5 लाख हेक्टेयर से घटकर 1 लाख हेक्टेयर से भी कम रह गई है। डॉ. एमएस भुल्लर, निदेशक विस्तार शिक्षा, ने किसानों से उन्नत तकनीक अपनाकर लागत कम करने और कृषि विज्ञान केंद्रों से प्रशिक्षण लेने की अपील की। कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शेरोन बेनेस और डॉ. गुरप्रीत सिंह बराड़ ने जलवायु परिवर्तन और जल संकट पर चिंता जताते हुए जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई। मेले में 7 प्रगतिशील किसान सम्मानित- मेले में सात प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। श्री मुक्तसर साहिब के जसकरण सिंह और संगरूर के अमनिंदर सिंह को “मुख्यमंत्री पुरस्कार” मिला। जालंधर के पवनजोत सिंह और संगरूर के बलजीत सिंह को मुख्यमंत्री पुरस्कार और सरदारनी प्रकाश कौर सरा मेमोरियल अवार्ड से नवाजा गया। होशियारपुर के गुरदीप सिंह और जसबीर सिंह तथा संगरूर की हरप्रीत कौर को सीआरआई पंप्स अवार्ड दिया गया। 5 वैज्ञानिकों को भी सम्मान मिला : 5 वैज्ञानिकों को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. पूनम ए सचदेव, डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. पंकज राठौर, डॉ. मनिंदर सिंह बोंस और डॉ. रमिंदर कौर शामिल हैं।


