अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के गोधन गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से 4 साल के बच्चे अंकुश राठौर की मौत के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पटेल ने आरोपी सोनू उर्फ बृजभान महरा को 10 साल के कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। 2.5 साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि यह घटना 10 मार्च 2023 की सुबह 11 बजे हुई थी। आरोपी सोनू उर्फ बृजभान महरा (30) निवासी ग्राम गोधन, जैतहरी ने बिजली के पोल से अपने घर तक बिजली प्रवाहित करने के लिए एक तार लगाया था। आरोपी को इस बात का ज्ञान था कि इस तार के संपर्क में आने से करंट फैल सकता है। इसी करंट के के संपर्क में आने से अंकुश राठौर (4) की मौत हो गई। इस मामले को आपराधिक मानववध की श्रेणी में रखा गया, जो हत्या की कोटि में आता है। सूचना मिलने पर जैतहरी थाने में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। कोर्ट ने सुनाई दस साल की सजा विवेचना के दौरान 80 फीट लंबा, कटा-फटा और छिला हुआ पीवीसी तार जब्त किया गया। साक्षियों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पटेल की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने 15 साक्षियों के साक्ष्य प्रस्तुत किए और 14 दस्तावेजों का परीक्षण कराया। लोक अभियोजक द्वारा रखे गए तर्कों, बहस और मामले की गंभीरता को देखते हुए, गैर इरादतन हत्या के आरोपी सोनू उर्फ बृजभान महरा को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने आरोपी को 10 साल के कारावास और 5 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल अनूपपुर भेज दिया गया है।


