टीकमगढ़ के बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के डूडीयन खेरा गांव में बिजली का करंट लगने से मोहन अहिरवार की मौत के मामले में बिजली कंपनी और जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। बिजली कंपनी ने मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है, वहीं लाइन परिचारक को सस्पेंड कर दिया है। घटना गुरुवार सुबह करीब 9 बजे हुई थी। 11 केवी सूरजपुर फीडर के तार टूटने और आपूर्ति व्यवस्था में गंभीर तकनीकी चूक के कारण मोहन अहिरवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों को 4 लाख की सहायता राशि दी मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री एसके त्रिपाठी ने बताया कि कंपनी ने अपने प्रावधानों के तहत मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है। इसके भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, मृतक के परिवार के एक सदस्य को वैकल्पिक सहायता राहत प्रक्रिया में शामिल करने की अनुशंसा भी की गई है। लापरवाही पाए जाने पर लाइन परिचारक सस्पेंड प्राथमिक जांच में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर लाइन परिचारक हरिदास अहिरवार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वितरण केंद्र प्रभारी जितेंद्र जाटव को बल्देवगढ़ से हटाकर टीकमगढ़ शहरी वितरण केंद्र में संबद्ध किया गया है। इसके अलावा, सब-स्टेशन ऑपरेटर से जुड़े कर्मी के खिलाफ भी सेवा प्रदाता कंपनी को दोषी कर्मी को कार्य से पृथक करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने बताया कि प्रशासन की ओर से भी पीड़ित परिवार को राहत दी जाएगी। मृतक के बच्चों को हर महीने चार-चार हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़े… खंभे पर चढ़ा युवक करंट लगने से जिंदा जला, 6 घंटे तार पर लटका रहा शव टीकमगढ़ में बिजली लाइन सुधारने के लिए पोल पर चढ़ा युवक करंट लगने से जिंदा जल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहन अहिरवार (35) के रूप में हुई। घटना के करीब छह घंटे तक शव बिजली के तारों पर लटका हुआ था। घटना गुरुवार सुबह करीब 9 बजे जिले से 40 किमी दूर डूडीयन खेरा गांव की है। पढ़े पूरी खबर…


