गिरिडीह| सदर प्रखंड के करहरबारी पंचायत में पीएचईडी की नल जल योजना एक वर्ष से पूरी तरह फेल हो गई है। पंचायत में 2022 में स्थापित 15 जल मिनार केवल शौभा के लिए बने रह गए हैं, जबकि ग्रामीण लोग अब भी कुआं और चापा नल से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। गांव में मार्च महीने में अक्सर कुएं सूख जाते हैं और चापा नल भी पानी नहीं देते, जिससे गर्मी के दिनों में गरीब परिवारों को नदी से पानी लाना पड़ता है। करहरबारी पंचायत में मौजूद ओपेन कोयला खदान की 150 फीट से अधिक गहराई के कारण पंचायत के सभी कुएं गर्मी में सूख जाते हैं। पंचायत वासियों के अनुसार, नल जल योजना के तहत 15 जलमीनार का निर्माण पीएचईडी टू द्वारा किया गया था। शुरू में पानी की आपूर्ति नियमित थी और एक समय मिलने से ग्रामीणों को काफी राहत मिली थी। लेकिन 2024 से यह सेवा बंद हो गई। पंचायत की मुखिया प्रतिनिधि मौ. मुमताज और पंचायत समिति सदस्य मनोज कुमार दास ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को दर्जनों बार आवेदन देकर पानी सप्लाई शुरू करने का आग्रह किया।


