करौली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है, जिसमें पति ने अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर पत्नी और उसके प्रेमी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतका के पति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि मृतक निरंजन (उर्फ रिंकू) के पिता भंवरलाल मीणा की रिपोर्ट पर लांगरा थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उनके पुत्र निरंजन और गांव की रंजीता (पत्नी भूरा मीणा) के बीच करीब 8-10 साल से प्रेम संबंध थे। इसी प्रेम प्रसंग के चलते 26 सितंबर 2025 को दोनों की हत्या कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद, मृतका रंजीता के पति भूरा पुत्र लक्खू मीणा ने पुलिस को गुमराह करने के लिए लांगरा थाने में अपनी पत्नी की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 30 सितंबर 2025 को पुलिस को कुमरावतपुरा के जंगल में दो शव पड़े होने की सूचना मिली। थानाधिकारी लालबहादुर मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां एक युवती का शव मिला। थोड़ी दूरी पर एक युवक का शव और पास में एक बिना नंबर की बाइक भी बरामद हुई। मृतका के पति भूरा मीणा ने युवती के शव की पहचान अपनी पत्नी रंजीता के रूप में की। बाद में, निरंजन के पिता भंवरलाल ने दूसरे शव की पहचान अपने पुत्र निरंजन के रूप में की। शवों की स्थिति को देखते हुए पुलिस को हत्या का संदेह हुआ। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमनाराम और पुलिस उपाधीक्षक अनुज शुभम सहित थानाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने पड़ोसियों और आसूचना संकलन के आधार पर मृतका के पति भूरा को संदेह के घेरे में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर भूरा और उसके सहयोगियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि पति भूरा को अपनी पत्नी रंजीता के प्रेम प्रसंग का पता चल गया था। उसने प्रतिशोध में अपने साथियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और निरंजन व रंजीता की हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए मौके पर सल्फास की डिब्बी भी डाल दी। पुलिस ने इस जघन्य वारदात में शामिल तीन आरोपियों भूरा पुत्र लक्खू मीणा, रामकेश उर्फ पप्पी मीणा पुत्र शिवसिंह मीणा, और कमल मीणा पुत्र जगन को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरे पर्दाफाश में साइबर टीम के साथ विशेषकर कॉन्स्टेबल सत्येन्द्र अवस्थी और ऋषिकेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


