करौली में विशिष्ट पोक्सो कोर्ट ने 15 साल की नाबालिग से रेप के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मामला भामचारी थाना इलाके का है। फरवरी 2025 में जब पीड़िता के माता-पिता पड़ोस में एक शादी समारोह में गए हुए थे, तब आरोपी नीरज नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने घर के बाथरूम में ले गया। बड़ी बहन को आपत्तिजनक हालत में मिले थे
वहां आरोपी ने पीड़िता के हाथ बांध दिए और मुंह बंद कर उसके साथ रेप किया। शादी में बज रहे डीजे के शोर के कारण पीड़िता की चीखें किसी को सुनाई नहीं दीं।
जब पीड़िता काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो उसकी बड़ी बहन ने तलाश शुरू की। आरोपी के घर पहुंचने पर उसने बाथरूम का गेट धक्का देकर खुलवाया, जहां आरोपी और पीड़िता आपत्तिजनक हालत में मिले। 3 महीने तक दबाए रखा मामला
सामाजिक में बदनामी के डर से पीड़िता के परिवार ने करीब 3 महीने तक मामले को दबाए रखा। लेकिन जब आरोपी ने पीड़िता पर फब्तियां कसना और ताने मारना बंद नहीं किया, तो मजबूर होकर पीड़िता के पिता ने मई 2025 में भामचारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और 20 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए।
विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पोक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में दोषी माना। कोर्ट ने समाज में बढ़ते ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आरोपी को 20 साल की कठोर सजा सुनाई।


