करौली में भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों को राहत देने के लिए एक नई पहल की जा रही है। इसके तहत जिलेभर में हजारों परिंडे लगाए जाएंगे, जिससे पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेन्द्र गारूवाल ने बताया कि इस बार भी करौली जिले के विभिन्न स्थानों पर ये परिंडे लगाए जाएंगे। करई गांव निवासी गारूवाल के अनुसार, भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करना एक मानवीय और पुण्य कार्य है। उन्होंने बताया कि मिट्टी के बर्तन या सकोरे, जिन्हें परिंडा कहा जाता है, पक्षियों के लिए पानी पीने और दाना खाने का सबसे अच्छा साधन होते हैं। ये परिंडे हर वर्ष की तरह इस बार भी सार्वजनिक स्थानों, सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालयों, स्कूलों तथा छायादार पेड़ों पर लगाए जाएंगे। गारूवाल ने जानकारी दी कि इससे पहले भी उनके द्वारा हजारों परिंडे लगाए जा चुके हैं, जिनसे बड़ी संख्या में पक्षियों को राहत मिली है। इस बार भीषण गर्मी को देखते हुए हजारों परिंडे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने घरों की छत, बालकनी या आसपास के पेड़ों पर परिंडे लगाकर नियमित रूप से उनमें साफ पानी और दाना रखें। साथ ही, परिंडों को समय-समय पर साफ करते रहें और उन्हें ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न पड़े। पुष्पेन्द्र गारूवाल का कहना है कि यह छोटा सा प्रयास गर्मी में प्यास से जूझ रहे बेजुबान पक्षियों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है।


