करौली में ‘सट्टा किंग’ प्रकरण को लेकर सियासी और सामाजिक तनाव बढ़ गया है। आरोपी अमीनुद्दीन खान की गिरफ्तारी के बाद अब उसके कथित नियम विरुद्ध व्यवसायिक परिसर को तोड़ने की मांग जोर पकड़ रही है। इस मुद्दे पर विभिन्न हिंदू संगठनों ने जिला प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पाठक ने बताया कि आरोपी अमीनुद्दीन खान, जो नगर परिषद की पूर्व सभापति रशीदा खातून के पुत्र हैं, ने अंबेडकर चौराहा स्थित महादेव (शिव) मंदिर को तोड़कर व्यवसायिक परिसर का निर्माण कराया है। पाठक ने आरोप लगाया कि यह धार्मिक आस्था का उल्लंघन और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना है। अशोक पाठक के अनुसार, वर्ष 1997 में कोटा संभागीय आयुक्त ने शिव मंदिर के लिए 5 फीट रास्ता छोड़ने का स्पष्ट आदेश दिया था। इसके बावजूद, नगर परिषद ने मंदिर की भूमि पर दो बार पट्टा जारी कर दिया। इसी कथित अवैध पट्टा प्रकरण में तत्कालीन सभापति रशीदा खातून को सरकार ने निलंबित भी किया था। सरकार ने पट्टे को फर्जी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की थी, लेकिन अब तक इसे निरस्त नहीं किया गया है। हाल ही में प्रशासन ने आरोपी के व्यवसायिक परिसर के अवैध हिस्से पर निशान लगाए हैं। हालांकि, अभी तक तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होने से हिंदू संगठनों में गहरा आक्रोश है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर मंदिर को पुर्नस्थापित नहीं किया गया और संभागीय आयुक्त के आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।


