कर्नाटक के राज्यपाल का ज्वाइंट सेशन संबोधित करने से इनकार:सरकार बोली- बात करेंगे, एक दिन पहले तमिलनाडु, केरल में राज्यपाल ने भाषण पर विवाद हुआ

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 22 जनवरी को राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से इनकार कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद राज्य सरकार ने उनसे बात करने का फैसला लिया है। राज्यपाल के इनकार क्यों किया अभी यह स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार भाषण में केंद्र सरकार से जुड़ी बातें इनकार की वजह हो सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब एक दिन पहले ही पड़ोसी राज्यों केरल और तमिलनाडु में भी राज्यपालों के विधानसभा संबोधनों को लेकर विवाद हुए हैं। इस मामले में कर्नाटक के कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एचके. पाटिल के नेतृत्व में एक दल लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात करेगा। तमिलनाडु गवर्नर बिना भाषण दिए विधानसभा से निकले बोले- राष्ट्रगान का फिर अपमान हुआ
तमिलनाडु विधानसभा सत्र के दौरान मंगलवार (20 जनवरी) को राज्यपाल आरएन रवि राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए स्पीच दिए बिना ही असेंबली से बाहर चले गए थे। पिछले सालों की तरह गवर्नर ने कहा कि तमिल गान के बाद राष्ट्रगान बजाया जाए। लेकिन स्पीकर अप्पावु ने इसके लिए मना कर दिया। इसके बाद गवर्नर रवि शुरुआती भाषण पढ़े बिना ही विधानसभा से बाहर चले गए। इससे पहले 2024-25 में भी वे ऐसा कर चुके हैं। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उनके भाषण में रुकावट डाली गई। उन्होंने कहा कि मैं निराश हूं। राष्ट्रगान को उचित सम्मान नहीं दिया गया। गवर्नर के वॉकआउट के बाद विपक्षी AIADMK के नेता भी असेंबली से बाहर चले गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं तमिलनाडु CM ने इसे असेंबली का अपमान बताया है। राज्यपाल के असेंबली से बाहर जाने के बाद लोक भवन ने प्रेस रिलीज जारी की। रिलीज में कहा गया कि एक बार फिर राष्ट्रगान का अपमान किया गया। गवर्नर का माइक बार-बार बंद किया गया। उन्हें बोलने नहीं दिया गया। पढ़ें पूरी खबर… केरल सरकार का आरोप- राज्यपाल ने भाषण पूरा नहीं पढ़ा केरल में भी मंगलवार को तब विवाद पैदा हो गया जब CM पिनराई विजयन ने विधानसभा में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के भाषण के तुरंत बाद आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल से मंजूर नीतिगत भाषण पूरा नहीं पढ़ा। विजयन ने विधानसभा को बताया कि राज्यपाल ने केंद्र की राजकोषीय नीति की आलोचना करने वाले पैरा और लंबित विधेयकों को लेकर लिखी गई लाइनें नहीं पढ़ीं। इसके जवाब में लोक भवन ने विवाद को अनावश्यक और निराधार बताया। साथ ही दावा किया कि राज्यपाल ने भाषण के मसौदे से ‘अर्ध-सत्य’ तथ्यों को हटाने को कहा था। सरकार ने जवाब दिया था कि राज्यपाल के सुझाए बदलाव के साथ भाषण तैयार किया जा सकता है और पढ़ा जा सकता है। लेकिन आधी रात के बाद बिना किसी संशोधन के वही भाषण राज्यपाल को वापस भेज दिया गया। ये खबर भी पढ़ें: तमिलनाडु गवर्नर ने बिना स्पीच दिए विधानसभा से वॉकआउट किया:कहा- राष्ट्रगान का अपमान हुआ; CM स्टालिन बोले- ये बचकाना व्यवहार तमिलनाड़ के विधानसभा सत्र के दौरान सोमवार को सदन में हाईलेवल ड्रामा हुआ। राज्यपाल आरएन रवि ने राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए अभिभाषण देने से इनकार कर दिया और सत्र बीच में ही छोड़कर विधानसभा से चले गए। इससे पहले फरवरी 2024 में भी वे ऐसा कर चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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