कर्नाटक धर्मस्थल केस- SIT ने सोची समझी साजिश बताया:कहा- इसे एंटी-धर्मस्थल एक्टिविस्टों ने गढ़ा; शुरुआती जांच रिपोर्ट में मंदिर को क्लीन चिट

कर्नाटक धर्मस्थल केस में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बेलतंगडी अदालत में अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में इस पूरे मामले को एक सोची समझी साजिश बताया गया है। SIT ने रिपोर्ट में कहा कि इस पूरे विवाद को एंटी-धर्मस्थल एक्टिविस्टों ने गढ़ा था। रिपोर्ट में मंदिर प्रशासन को फिलहाल क्लीन चिट दी गई है। टीम ने अदालत से जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा है।​ SIT ने कुल छह लोगों को आरोपी बनाया है जिसमें शिकायतकर्ता चिन्नय्या, महेश शेट्टी तिमरोड़ी, गिरीश मत्तनण्णावर, जयंथ, विट्ठल गौड़ा और सुजाता भट्ट शामिल हैं। जांच में सामने आया कि चिन्नय्या पर दबाव डाला गया, उसे पैसा दिए गए और झूठे बयान दिलवाए गए। ​ SIT की रिपोर्ट में क्या? SIT ने बताया कि आरोपियों ने एक खोपड़ी की व्यवस्था की, उसे सबूत की तरह पेश किया। जगह-जगह नकली सबूत लगाए और पहले से सिखाए गए बयान कैमरे पर रिकॉर्ड किए गए। जांच टीम के अनुसार, साजिश की कई मीटिंग्स महेश शेट्टी तिमरोड़ी के घर पर हुईं। SIT को बैंक ट्रांजैक्शन के सबूत, इलेक्ट्रॉनिक डाटा, वीडियो क्लिप्स और गवाहों के बयान मिले हैं।​ अदालत से पांच गिरफ्तारियों की इजाजत मांगी SIT ने अदालत से पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने की इजाजत मांगी है। एजेंसी अब कस्टडी में पूछताछ के लिए तैयारी कर रही है, ताकि फाइनल रिपोर्ट दाखिल की जा सके। शिकायतकर्ता ने मंदिर में बड़े स्तर पर सामूहिक दफन के आरोप लगाए गए थे, जिससे मंदिर की छवि पर सवाल उठे। डिप्टी CM शिवकुमार बोले- पहले ही कहा था साजिश हो रही है डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार ने कहा- मैं पहले ही विधानसभा में बोल चुका था कि धर्मस्थल के खिलाफ साजिश हो रही है और अब सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि न्याय हुआ है, लेकिन कानून अपना काम खुद करेगा। ऐसी साजिशें पुराने और सम्मानित संस्थानों को नुकसान पहुंचाती हैं।​ शिवकुमार ने यह भी कहा कि मैंने अभी चार्जशीट खुद नहीं देखी है। मीडिया रिपोर्ट्स से ही जानकारी मिली है। इस साजिश के पीछे आरएसएस और बीजेपी के बीच के मतभेद भी हो सकता है। आगे की जांच से ही पूरी तस्वीर साफ होगी।​ जानिए पूरा मामला कर्नाटक के मंगलुरु के पास नेत्रावती नदी के किनारे धर्मस्थल मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव के एक रूप श्री मण्जुनाथ का है। 4 जुलाई को यहां के पूर्व सफाईकर्मी ने कई हत्याओं, दुष्कर्म और शव दफनाने का पुलिस को चिट्ठी को लेकर दावा किया था। जिसके बाद जांच शुरू हुई थी। बाद में राज्य सरकार ने SIT बनाकर जांच शुरू करवाई, जिसने खुदाई, फॉरेंसिक जांच और गवाहों से पूछताछ की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिन्नैया ने 11 जुलाई को बेल्थंगडी मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था और एक खोपड़ी व कुछ हड्डियां पेश की थीं। उसने दावा किया था कि यह अवशेष एक महिला के हैं, जिसका यौन शोषण हुआ था। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह अवशेष एक पुरुष के पाए गए। चिन्नेया का दावा था कि उस पर दबाव डालकर 100 से ज्यादा महिलाओं और बच्चियों के शव दफन करवाए गए। हालांकि, SIT ने अब तक 17 जगह खुदाई की है, जिनमें से 2 जगहों पर केवल पुरुषों के कंकाल ही बरामद हुए हैं। पढ़ें शिकायतकर्ता ने क्या बयान दिया था… —————-

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *