भास्कर न्यूज | बालोद सोमवार को नया बस स्टैंड में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर तीन दिवसीय आंदोलन का आगाज हुआ। पहले दिन जिलेभर के शासकीय कार्यालयों में काम बंद-कलम बंद रहा, जिससे आम जनता से जुड़े कई कार्य ठप हो गए। कर्मचारियों में शासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला। कर्मचारी-अधिकारी केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने, वर्ष 2019 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स राशि का जीपीएफ खातों में समायोजन सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। बस स्टैंड बालोद में प्रदर्शन में विभिन्न विभागों एवं संगठनों के कर्मचारी-अधिकारी शामिल हुए। फेडरेशन ने यह स्पष्ट कर दिया कि कर्मचारी अपने मौलिक अधिकारों और मांगों को लेकर किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि फेडरेशन कर्मचारियों के हितों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने के लिए तैयार है। जिला फेडरेशन ने जिले के कर्मचारी एवं अधिकारियों से अपील की है कि वे तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन में शामिल होकर सरकार पर मांगें पूरी करने का दबाव बनाएं। आंदोलन में जिला संयोजक लोकेश कुमार, महासचिव घनश्याम पुरी, मधुकांत यदु, राजेश घोड़ेसवार, वीरेंद्र देशलहरे, आरएम चावड़ा, चंद्रभान सिंह निर्मलकर, राधेश्याम साहू, परशुराम धनेंद्र, संदीप कुमार, महेंद्र कुमार साहू, राजेश उपाध्याय, रवि वर्मा, नेपाल सिंह साहू, खिलानंद साहू, नवल किशोर साहू, राजस्व निरीक्षक रमेश शर्मा, राजेंद्र कोला, रेखुराम साहू आदि उपस्थित रहे।


