बारां| रेलावन के निकट कुंजी गांव में कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा शुरू हुई। उसके पहले लक्ष्मीनारायण भगवान के मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्गो से होती हुई कथा स्थल पहुंची। शुक्रवार को कथावाचक पं. मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सब ग्रंथन का सार है। चार वेद छह शास्त्र 18 पुराण जिसमें समाहित है। इसलिए भागवत को श्री कृष्ण का वांग मयं स्वरूप माना गया है। जिसके श्रवण मात्र से अर्थ धर्म काम मोक्ष की प्राप्ति होती है। मुख्य यजमान महावीर सिंह, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, भगवान सिंह ने भागवत कथा का पूजन किया और आरती उतारी।


