सीधी में ढोलक बजाने वाले कलाकार ने कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह की चेतावनी दी है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। मामला एक वीडियो के सामने आने के बाद उजागर हुआ है। वीडियो में पीड़ित कलाकार ने खुद को नौकरी से निकाले जाने का आरोप सांसद डॉ. राजेश मिश्रा पर लगाया है। कलाकार का अरविंद पटेल का आरोप है कि वह वन विभाग में मास्टर ट्रेनर के पद पर कार्यरत था, जहां उसका मुख्य कार्य कला के माध्यम से प्रशिक्षण और जागरूकता फैलाना था। उन्होंने दावा किया कि उसे बिना किसी गलती के सांसद के कहने पर नौकरी से निकाल दिया गया। सांसद पर लगाए गंभीर आरोप पटेल ने वीडियो में आरोप लगाया कि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अपने जीजा डॉ. कैलाश तिवारी के कहने पर उसे नौकरी से हटवाया। उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त करवा दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने इस संबंध में स्वयं सांसद से बात की थी, जिन्होंने उसे नौकरी से न निकाले जाने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद, लगभग तीन महीने पहले उसे कार्य से हटा दिया गया। अरविंद पटेल ने दावा किया कि उसने कई बार सांसद से गुहार लगाई, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। इसी मानसिक पीड़ा से परेशान होकर उसने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। व्यक्तिगत मामला बताया सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से जब बात करनी चाही, तो फोन उनके पीए ने उठाया। उसने कहा- सांसद जी दिल्ली में है। 3 दिन तक बात नहीं करेंगे। वहीं, सांसद के जीजा डॉ. कैलाश तिवारी से बातचीत में उन्होंने इसे व्यक्तिगत मामला बताया। उन्होंने आत्मदाह की चेतावनी से लेना-देना होने से इनकार किया। कहा कि इस प्रकरण में उनकी भूमिका नहीं है, हालांकि उन्होंने सांसद का जीजा होने की बात स्वीकार की। अधिकारी बोले- जानकारी नहीं उधर, मुख्यालय डीएसपी अमन मिश्रा ने बताया कि उन्हें फिलहाल ऐसी किसी घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है और न ही किसी ने आत्मदाह की अनुमति मांगी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और किसी भी व्यक्ति को ऐसा कदम उठाने से रोकने के लिए प्रशासन पूरी कोशिश करेगा।


