जयपुर-अजमेर हाईवे पर शुक्रवार तड़के हुए भांकरोटा हादसे के बाद दैनिक भास्कर टीम ने शहर के अति संवेदनशील एरिया का जायजा लिया। भास्कर टीम जब बीछवाल स्थित इंडेन गैस प्लांट के आगे पहुंची तो हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई। प्लांट के आगे खुले में 15-20 टैंकर बिना किसी सुरक्षा के खड़े थे। जबकि यह एरिया बेहद संवेदनशील है। यहां सरकारी मूक-बधिर विद्यालय के साथ-साथ परिवहन विभाग और सेंट्रल जेल जाने का रास्ता भी है। प्लांट के आगे खुले में खड़े वाहनों के बारे में आसपास के दुकानदारों ने बताया कि गैस टैंकरों और ट्रकों के कारण आए दिन वाहन टकराने की घटनाएं होती है। भांकरोटा जैसे भयावह हादसे के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई सबक नहीं लेना आमजन की जान को जोखिम में डाल सकता है। इस संबंध में एक परिवाद जिला सतर्कता समिति में पिछले तीन महीने से लंबित है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। डीटीओ ने दी सिर्फ चेतावनी गैस टैंकरों की समस्या को लेकर जिला सतर्कता समिति में तीन महीने से परिवाद लंबित है। जिला कलेक्टर ने हाल ही में जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) भारती नैथानी को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, प्रशासन और आरटीओ अधिकारी केवल चेतावनी देकर मामले को टाल रहे हैं। हादसे को न्यौता देते हालात परिवहन विभाग के आगे दुकान लगाने वाले रामकुमार शर्मा ने बताया कि बीछवाल गैस प्लांट के पास आरटीओ मोड़ पर एलपीजी गैस टैंकर और घरेलू गैस सिलेंडर से भरे ट्रक सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इस क्षेत्र से बड़े और छोटे वाहन, सरकारी स्कूल के बच्चे, जेल स्टाफ और अन्य लोग नियमित रूप से गुजरते हैं। यह स्थिति किसी भी समय भांकरोटा जैसे हादसे का कारण बन सकती है। रिहायशी क्षेत्र में हैं गैस गोदाम बीकानेर शहर के करणी नगर, गजनेर रोड, मॉडर्न मार्केट सहित कई गैस गोदाम रिहायशी एरिया में हैं, जो हादसों को न्यौता दे रहे हैं। जिला प्रशासन और रसद विभाग ने इन्हें कई बार नोटिस दिए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब समय आ गया है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लें और इन खतरनाक बने गैस गोदामों को शहरी सीमा से बाहर करें। जिला प्रशासन और रसद विभाग को तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है। राजस्थान में ऐसे हादसों का सिलसिला शर्मा ने कहा- सतर्कता की आवश्यकता “भांकरोटा जैसी घटनाएं तब तक नहीं रुकेंगी, जब तक प्रशासन और परिवहन विभाग अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लेते। मैं पिछले तीन महीने से बीछवाल स्थित इंडेन गैस प्लांट के आगे खड़े बेतरतीब वाहनों को हटाने की मांग कर रहा हूं। इस संबंध में मैने सतर्कता समिति में भी परिवाद दिया, लेकिन हैरानी की बात है कि इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई तक नहीं हुई। बीकानेर के नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई अनिवार्य है।” -हनुमान प्रसाद शर्मा, एडवोकेट, बीकानेर “शहरी सीमा में दो-तीन गैस गोदाम हैं, जिन्हें शिफ्ट करने का काम संबंधित गैस कंपनी का है। रही बात बॉटलिंग प्लांट के बाहर खड़े गैस टैंकर और ट्रकों को हटाने या उनकी सुरक्षा को लेकर इंडेन बॉटलिंग प्लांट के अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए, ताकि कोई जनहानि नहीं हो। -भागुराम महला, डीएसओ, बीकानेर


