कलेक्टर शीतला पटले ने रविवार को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक बैठक की। यह बैठक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत भावांतर भुगतान योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर आयोजित की गई थी।इसमें योजना के सुचारु संचालन और किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने बताया कि भावांतर योजना के तहत किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू हो चुका है,जिसकी अंतिम तिथि 17 अक्टूबर निर्धारित है। जिले में गिरदावरी के अनुसार सोयाबीन का रकबा 648 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए सिवनी, पलारी और धुमा में तीन पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। योजना के अंतर्गत,भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले, राज्य सरकार किसानों को मंडी के मॉडल भाव या विक्रय मूल्य के अंतर की राशि प्रदान करेगी। किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच अपनी उपज मंडी में बेचकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। योजना के संचालन के लिए जिला और मंडी स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। अपर कलेक्टर सुनीता खंडायत को नोडल अधिकारी और उपसंचालक कृषि एस.के. धुर्वे को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना और उनकी आय में स्थिरता लाना है, जिससे उन्हें उचित मूल्य की गारंटी मिल सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, कृषक संगठनों और कृषि विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ग्रामीण स्तर तक इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पंजीयन केंद्रों पर किसानों को समुचित सहयोग मिले और योजना से जुड़ी सभी जानकारी पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, किसानों को मंडियों में उपज विक्रय के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए प्रशासनिक अमला पूरी तत्परता से कार्य करे। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी, नगरपालिका अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद सनोडिया सहित अन्य जनपदों के अध्यक्ष, कृषक प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


