कलेक्टर ने रिश्वत मांगने वाले बाबू को पियून बनाया:आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में मांग रहा था पैसे, जांच में दोषी पाया गया

बुरहानपुर कलेक्टर भव्या मित्तल ने भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के एक कर्मचारी का डिमोशन कर दिया। परियोजना कार्यालय खकनार में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत सुभाष काकड़े को आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती में रिश्वत मांगने का दोषी पाया गया। मामला जनसुनवाई में सामने आया था, जहां शिकायत की गई थी कि काकड़े आंगनवाड़ी सहायिका पद पर भर्ती के लिए अवैध रूप से पैसे की मांग कर रहे थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जुलाई 2024 में उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। पक्ष रखने का दिया मौका
कलेक्टर के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू की गई, जिसमें अपर कलेक्टर और परियोजना अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान काकड़े को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। पियून के पद पर डिमोशन
मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 10 के तहत कार्रवाई करते हुए काकड़े को भृत्य (पियून) के पद पर डिमोशन कर दिया गया है। उन्हें अब परियोजना अधिकारी कार्यालय नेपानगर में पियून के रिक्त पद पर तैनात किया गया है। साथ ही, उनकी निलंबन अवधि को अकार्य दिवस घोषित किया गया है।

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