भास्कर न्यूज | कवर्धा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की मीटिंग हुई। इस दौरान कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तहसील कार्यालयों में दर्ज राजस्व प्रकरणों और उनके निराकरण के स्थिति की समीक्षा की। पेंडेंसी को लेकर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने अफसरों से कार्यों में सुधार लाते हुए पेंडेंसी शीघ्र निपटाने हिदायत दी है। जानकारी के मुताबिक सभी तहसीलों में राजस्व के 1338 प्रकरण पेंडिंग हैं। मीटिंग के दौरान कलेक्टर ने तहसीलवार अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन, नक्शा बटांकन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में ऐसे तहसील जिनकी प्रगति प्रतिशत कम है। उन्हें इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। विवादित बंटवारा के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो। सीमांकन के प्रकरणों को भी तेजी से निराकृत करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर मोनिका कौड़ो, एसडीएम कवर्धा अनुपम टोप्पो, पंडरिया एसडीएम संदीप ठाकुर, बोड़ला एसडीएम विनय पोयाम, सहसपुर लोहारा एसडीएम आकांक्षा नायक, डिप्टी कलेक्टर आरबी देवांगन सहित सभी तहसीलदार उपस्थित थे। लंबित प्रकरणों की जानकारी ली: कलेक्टर गोपाल वर्मा ने लंबित प्रकरणों की अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि एक माह से कम समय के भीतर लंबित प्रकरण, एक से तीन माह के भीतर लंबित प्रकरण, छह माह से अधिक समय से लंबित प्रकरण का विस्तार से जानकारी ली। पंडरिया तहसील में 332 केस पेंडिंग हैं कबीरधाम जिले के 6 तहसील कार्यालयों में राजस्व के 1338 मामले पेंडिंग हैं। इनमें कई प्रकरण समय सीमा के बाद भी निराकरण नहीं हो पाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पंडरिया तहसील में सबसे ज्यादा 332, पिपरिया तहसील में 289 और कवर्धा तहसील में 286 प्रकरण पेंडिंग हैं। इसी तरह सहसपुर लोहारा तहसील में 181, कुंडा तहसील में 155 और बोड़ला तहसील में 95 राजस्व प्रकरण पेंडिंग हैं। कलेक्टर ने कहा कि इन सभी श्रेणियों के मामलों का शीघ्र निपटारा करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


