भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में शासकीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। 1 जनवरी 25 से जांजगीर-चांपा कलेक्टोरेट सहित जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम की औपचारिक शुरुआत कर दी है। साथ ही अब अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तय समय पर कार्यालय पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य हो गया है। इस नई व्यवस्था की शुरुआत स्वयं कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट परिसर में बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर की। कलेक्टर द्वारा पहल किए जाने से यह स्पष्ट संदेश गया कि अब समयपालन और अनुशासन को लेकर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टोरेट के साथ-साथ विभिन्न विभागों में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बायोमेट्रिक माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज की। अन्य शासकीय कार्यालयों में होगी अटेंडेंस की यही व्यवस्था: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में जिले के अन्य शासकीय कार्यालयों, तहसीलों और मैदानी स्तर के दफ्तरों में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आधार-आधारित सिस्टम होने के कारण उपस्थिति में किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना भी समाप्त हो जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यालयों में कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक करें। कलेक्टोरेट परिसर में बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू होने के बाद कर्मचारियों में भी हलचल देखने को मिली। निर्धारित समय से पहले ही अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय पहुंचने लगे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कुछ कर्मचारियों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे कार्यस्थल पर अनुशासन बढ़ेगा और मेहनती कर्मचारियों को भी पहचान मिलेगी। वहीं कुछ कर्मचारियों का कहना था कि नई व्यवस्था के साथ अब सभी को समान नियमों का पालन करना होगा।


