अशोकनगर में नर्सिंग ऑफिसर से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन किया। शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन डॉ. भूपेंद्र शेखावत और सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी पर कार्रवाई की मांग की। यह विवाद एक नर्सिंग ऑफिसर द्वारा सिविल सर्जन पर एप्रन उतरवाने और छुट्टी के लिए पैसे मांगने के आरोप के बाद बढ़ा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने सिविल सर्जन पर नर्सिंग ऑफिसर का एप्रन उतरवाने और सीएमएचओ पर छुट्टी के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सभी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय के अंदर पहुंचे। उन्होंने संयुक्त कलेक्टर बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भाजपा सरकार के मंत्री विजय शाह पर भी आरोप लगाए गए। कांग्रेस ने कहा कि मंत्री शाह ने प्रदेश की महिलाओं को धमकी दी है कि जो बहनें मुख्यमंत्री का सम्मान नहीं करेंगी, उनकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी जो महिलाएं मुख्यमंत्री मोहन यादव का सम्मान नहीं करेंगी, उनकी मासिक सहायता राशि नहीं बढ़ाई जाएगी और उनकी पात्रता की जांच लंबित कर दी जाएगी। कांग्रेस ने इस टिप्पणी को महिलाओं का अपमान और लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए विजय शाह के त्याग पत्र की मांग की। इस पूरे मामले में, शुक्रवार को सिविल सर्जन और नर्स के बीच छुट्टी को लेकर हुए विवाद में सिविल सर्जन पर नर्स के साथ कथित तौर पर अभद्र शब्दों का उपयोग करने का आरोप है। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के संबंध में, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013″ के अंतर्गत आंतरिक परिवाद समिति द्वारा प्रकरण की जांच किए जाने का आदेश दिया गया है। मेल स्टाफ के सामने नर्स से एप्रन उतारने को कहा अशोकनगर जिला अस्पताल में सिविल सर्जन भूपेंद्र शेखावत पर नर्सिंग स्टाफ ने एप्रन उतरवाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर नर्सिंग स्टाफ ने अपर कलेक्टर से शिकायत की। शिकायत के दौरान सिविल सर्जन और सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी भी कलेक्ट्रेट पहुंच गईं, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। नर्सिंग स्टाफ ने दोनों अधिकारियों पर छुट्टी देने के बदले पैसे मांगने और रिकॉर्ड खराब करने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं, सीएमएचओ और सिविल सर्जन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। पूरी खबर पढ़ें


