रीवा का कलेक्टर कार्यालय परिसर इन दिनों असामाजिक तत्वों का अड्डा बना है। खनिज कार्यालय और कॉफी हाउस के पास चारों तरफ नशीली सिरप की सैकड़ों शीशियां पड़ी हुई हैं। इसके अलावा नशीली टैबलेट, शराब की बोतलें और डिस्पोजल कलेक्ट्रेट परिसर और शहर की साख पर बट्टा लगाने का काम कर रहा है। हालांकि पुलिस अब मामले के संज्ञान में आने के बाद अब कार्यवाही और नकेल कसने की बात कर रही है। थाना प्रभारी ने ऐसे असामाजिक तत्त्वों को चेतावानी दी है कि वो सुधर जाए और कलेक्ट्रेट परिसर या अन्य किसी भी स्थान पर इस तरह की गतिविधि न करें। नहीं तो उन पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। पूरे मामले में अधिवक्ता बीके माला के कहा कि जिस तरह से कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर सैकड़ों की संख्या में कोरेक्स की शीशियां पड़ी हुई हैं और कैमरे में कैद हुई हैं। उनको देखकर यही लगता है कि रीवा धीरे धीरे कोरेक्स सिटी बना जाएगा। शहर का सबसे महफूज माना जाने वाला स्थान जहां 200 से अधिक की संख्या में शासकीय विभाग मौजूद हैं। वहां जब इस तरह के हालात हैं तो आम जगहों और गाली मोहल्लों का भला क्या होगा। प्रशासन यह दावा करता है कि नशीली सिरप में अवैध सिरप की बिक्री प्रतिबंधित है और प्रशासन सख्ती से कार्यवाही कर रहा है… तो कलेक्टर कार्यालय परिसर के भीतर यह नशीली सिरप की शीशियां कहां से आ रही हैं। क्या अधिकारी कर्मचारी भी अब इनका सेवन कर रहे हैं। पूरे मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा का कहना है कि आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे लोगों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।


