मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल 11 बजे सिवनी आएंगे। जहां जिले के 948 गांव के 124740 नागरिकों को स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख का लाभ देंगे। यह राज्य स्तरीय समारोह जिला मुख्यालय के पालीटेक्निक मैदान में आयोजित होगा। जिसको लेकर तैयारियां की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम वर्चुअल रूप से शामिल होकर स्वामित्व योजना के लाभांवित हितग्राहियों को भू स्वामी अधिकार अभिलेख का वितरण करेंगे। स्वामित्व योजना अंतर्गत प्रस्तावित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कलेक्टर संस्कृति जैन ने अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। वहीं भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कार्यक्रम स्थल पालीटेक्निक मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। हितग्राहियों को लाने-ले जाने लगेंगे वाहन कार्यक्रम स्थल पालीटेक्निक मैदान में मंचीय व्यवस्थाओं के साथ आमजनों की बैठक, पेयजल, पार्किंग सहित अन्य व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर ने जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचने वाले हितग्राहियों को व्यवस्थित व सुविधाजनक रूप से लाने-ले जाने पर्याप्त वाहन लगाने के निर्देश संबंधितों अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही ग्रामवार व विकासखंडवार आयोजित कार्यक्रम को लेकर सभी सीईओ जनपदों को कहा है। वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री होंगे शामिल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से स्वामित्व योजना के लाभांवित हितग्राहियों को भू स्वामी अधिकार अभिलेख का वितरित करेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अतिरिक्त पंचायत व विकासखंड स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित होंगे। जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए सभा स्थल व मंच को तैयार किया जा रहा है। 124740 नागरिक होंगे लाभांवित स्वामित्व योजनांतर्गत अधिकार अभिलेख वितरण से जिले के 496 ग्राम पंचायतों के 948 गांव के 124740 नागरिक लाभांवित होंगे। इसमें सबसे अधिक लाभांवित हितग्राही सिवनी तहसील के है। सिवनी के 212 गांव के 31005, लखनादौन के 221 गांव के 22795, बरघाट के 83 गांव के 17550, केवलारी के 95 गांवे के 14370, कुरई के 91 गांव के 12660, घंसौर के 127 गांव के 10951, छपारा के 41 गांव के 11106 तथा धनौरा के 39 गांव के 4303 लाभांवितों को भू स्वामी अधिकार अभिलेख का वितरण किया जाना है। स्वामित्व स्थापना की दिशा में सुधारात्मक कदम भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे ने बताया कि योजना ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व की स्थापना की दिशा में एक सुधारात्मक कदम है, इसके तहत ड्रोन प्रौद्योगिकी का उपयोग करके भूमि के टुकड़ों का मानचित्रण किया जाएगा और संपत्ति के मालिकों को कानूनी स्वामित्व कार्ड (संपत्ति कार्ड-शीर्षक विलेख) जारी करने के साथ गांव के घरेलू मालिकों को ‘अधिकारों का रिकार्ड’ प्रदान किया जाएगा। भू अधिकार पत्र का उद्देश्य ग्रामीण नियोजन के लिए सटीक भूमि अभिलेखों का निर्माण तथा संपत्ति संबंधी विवादों में कमी लाने के साथ ही ग्रामीण भारत के नागरिकों को ऋण लेने तथा अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाकर वित्तीय स्थिरता लाना है। कल को होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा एक लाख चौबीस हजार सात सौ चालीस भू अधिकार पत्र वितरित किए जाएंगे।


