रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। नए सिस्टम में 21 थानों में 42 अधिकारियों की पोस्टिंग होगी। इसमें आधा दर्जन आईपीएस के अलावा एएसपी, डीएसपी व टीआई शामिल हैं। नए सिस्टम में एसडीएम की जगह एसीपी या एडिशनल डीसीपी के कोर्ट लगेंगे, जहां थानेदार आरोपियों को पेश करेंगे। धरना, जुलूस-प्रदर्शन की अनुमति अब पुलिस कमिश्नर देंगे। वहीं पुलिस में कुछ अंदरूनी बदलाव आएंगे। 23 जनवरी से पुलिस अधिकारियों के पदनाम के साथ उनके कॉल साइन भी बदल जाएंगे। अब तक सीएसपी या डीएसपी कहे जाने वाले अधिकारियों को नए सिस्टम में असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) कहा जाएगा। वायरलेस सेट पर इनके कॉल साइन में भी बदलाव किया जाएगा। एसपी सिस्टम में अधिकारियों को उनके सब-डिवीजन के नंबर 1 से 13 जोड़कर माइक कॉल साइन से पुकारा जाता था। कमिश्नरी सिस्टम में इन्हें चार्ली जैसे कॉल साइन से बुलाया जाएगा। अभी 1200 छोटे-बड़े वायरलेस सेट : नए सिस्टम के तहत रायपुर पुलिस में अधिकारियों और निचले स्टाफ की संख्या बढ़ेगी। इसके चलते रायपुर पुलिस रेडियो मुख्यालय से 100 अतिरिक्त वायरलेस सेट मंगाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले पुलिस रेडियो ट्रंकिंग सिस्टम की भी मांग कर चुकी है। फिलहाल रायपुर पुलिस के पास करीब 1200 छोटे-बड़े वायरलेस सेट हैं। ट्रैफिक पुलिस को लगभग 50 सेट दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नरेट: वो सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं… ऐसे होगा जोन का बंटवारा जोन-1
रायपुर सेंट्रल होगा। इसमें सिविल लाइन और कोतवाली सब-डिवीजन होंगे। इसमें 7 थाने शामिल रहेंगे।
जोन-2
रायपुर वेस्ट होगा। इसमें पुरानी बस्ती, आजाद चौक और राजेंद्र नगर सब-डिवीजन होंगे। इसमें 9 थाने होंगे।
जोन-3
रायपुर नॉर्थ होगा। इसमें उरला और पंडरी सब-डिवीजन होंगे। इसमें पांच थाने शामिल किए जाएंगे। माइक-1 से लेकर चार्ली तक मिलेंगे कॉल साइन
रायपुर में अब तक आईजी रेंज को वायरलेस सेट पर अल्फा कॉल साइन से पुकारा जाता था। यही कॉल साइन अब पुलिस कमिश्नर का होगा। नए सिस्टम में एएसपी रैंक के अधिकारी को एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर कहा जाएगा और उनका कॉल साइन डेल्टा रहेगा। डीएसपी यानी एसीपी को चार्ली और थानेदार या टीआई को सिग्मा कहा जाएगा। सब-इंस्पेक्टर का कॉल साइन ब्रावो हो सकता है। नए सिस्टम में यहां होंगे अधिकारियों के दफ्तर
पुलिस कमिश्नर और एडिशनल पुलिस कमिश्नर जीई रोड स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय में बैठेंगे। सिविल लाइन सी-4 में रायपुर सेंट्रल के डीसीपी और एडिशनल डीसीपी का दफ्तर होगा। सिविल लाइन एसीपी भी यहीं बैठेंगे। रायपुर वेस्ट के डीसीपी और एडि. डीसीपी आमानाका थाना परिसर के ऊपर बैठेंगे। रायपुर नॉर्थ के डीसीपी और एडि. डीसीपी उरला में बैठेंगे। देहात एसपी दफ्तर अटल नगर में होगा। कमिश्नरी के आदेश में विसंगतियां कई थानों में ग्रामीण एरिया भी
गृह विभाग के अधिकारियों ने 21 दिनों के मंथन के बाद पुलिस कमिश्नरी का खाका तैयार किया है। इसमें कई विसंगतियां सामने आई हैं। उरला थाना क्षेत्र से ग्राम पंचायतों को हटा दिया गया है, क्योंकि यह नगर निगम बीरगांव का हिस्सा नहीं है। जबकि मुजगहन थाना क्षेत्र में 20 ग्राम पंचायत हैं। कबीर नगर थाना क्षेत्र में 5 ग्राम पंचायत और आमानाका में 3 ग्राम पंचायत हैं। ये सभी पुलिस कमिश्नरी का हिस्सा होंगे। ये होंगे तीनों जोन के नए एडिशनल डीसीपी और एसीपी
एएसपी तारकेश्वर पटेल रायपुर सेंट्रल के नए एडिशनल डीसीपी होंगे। दौलतराम पोर्ते रायपुर वेस्ट और आकाश मरकाम रायपुर नॉर्थ के एडिशनल डीसीपी होंगे। ट्रैफिक में प्रशांत शुक्ला और क्राइम में संदीप मित्तल को जिम्मेदारी दी गई है। सिविल लाइन के एसीपी रमाकांत, कोतवाली के दीपक मिश्रा, उरला में पूर्णिमा और पुरानी बस्ती के देवांश राठौर होंगे। ट्रैफिक में गुरजीत सिंह, सतीश ठाकुर और एस. पैकरा पदस्थ रहेंगे। विधानसभा के बजट सत्र में पुलिस एक्ट में सरकार करेगी संशोधन
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके छह माह के भीतर गृह विभाग विधानसभा में विधेयक लाकर छत्तीसगढ़ पुलिस एक्ट में संशोधन करेगा और नए प्रावधान जोड़ेगा। वर्तमान छत्तीसगढ़ पुलिस एक्ट में शहरी पुलिस का प्रावधान नहीं है और कहीं भी कमिश्नरी शब्द का उल्लेख नहीं है। सरकार बजट सत्र में कानून संशोधन का विधेयक लेकर आएगी। लगातार पूरे जिले में लागू करने की मांग, व्यवस्था बदलने के संकेत भी
डिप्टी सीएम लगातार पूरे जिले में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। रायपुर सांसद समेत कई नेता पूरे जिले में कमिश्नरी लागू करने की मांग कर रहे हैं। बजट सत्र में इस पर चर्चा होने के संकेत हैं। सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। पूरे जिले में कमिश्नरी लागू कर रायपुर सिटी एसपी और देहात एसपी की व्यवस्था बनाई जा सकती है।


