कश्मीर के 5 जिलों में पुलिस का सर्च ऑपरेशन:बैन जमात-ए-इस्लामी के सपोर्ट नेटवर्क पर फोकस, कई ठिकानों की तलाशी और संदिग्धों से पूछताछ की

जम्मू-कश्मीर के 5 जिलों में शुक्रवार को पुलिस और सुरक्षाबलों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने बैन आतंकी संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े होने के शक में कई लोगों के घरों-ठिकानों की तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में सुरक्षा अभियान के तहत शोपियां, पुलवामा, श्रीनगर, बारामूला और कुलगाम में तलाशी ली है। इस दौरान पुलिस टीमों ने वेरिफिकेशन और कई लोगों से पूछताछ भी की। ऑपरेशन का मकसद बैन संगठनों को दोबारा सक्रिय होने से रोकना, आतंकी सपोर्ट नेटवर्क और ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान कर उन्हें खत्म करना है। साथ ही आतंकियों को फाइनेंशियल और लॉजिस्टिक मदद करने वालों पर कार्रवाई करना है। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में अवैध गतिविधि मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।। स्थानीय लोगों से सहयोग और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई है। सर्च ऑपरेशन से जुड़ी 2 तस्वीरें… 12 नवंबर को अनंतनाग में सर्च ऑपरेशन चलाया इससे पहले भी 12 नवंबर को अनंतनाग पुलिस ने इसी नेटवर्क के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया था। वहीं 20 नवंबर को स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने जम्मू में कश्मीर टाइम्स के ऑफिस पर भी तलाशी ली थी। कश्मीर टाइम्स की स्थापना 1954 में वेद भसीन ने की थी, जम्मू-कश्मीर का सबसे पुराना अंग्रेजी दैनिक माना जाता है। जमात-ए-इस्लामी (JeI-JK) को भारत सरकार ने अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) के तहत कई बार बैन किया है। सबसे हालिया प्रतिबंध 2019 में लगाया गया था, जिसे फरवरी 2024 में पांच साल के लिए और बढ़ा दिया गया। संगठन को कथित रूप से एंटी-नेशनल सेपरेटिस्ट एक्टिविटीज और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी समूहों से संबंध रखने के आरोपों के कारण बैन किया गया था। जमात-ए-इस्लामी की स्थापना 1941 में सैयद अबुल अला मौदूदी ने ब्रिटिश इंडिया में की थी। 1947 के बंटवारे के बाद यह पाकिस्तान और भारत में दो अलग संगठनों- जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान और जमात-ए-इस्लामी हिंद में बंट गया।

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