कस्टडी में युवक की मौत, महिला ने लगाई फांसी:देवास में पति बोला- दहशत में थी; शिकायत पर बयान देने बुला रहे थे पुलिसवाले

देवास जिले के सतवास थाने में 28 दिसंबर को पुलिस हिरासत युवक की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस महिला ने युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, उसने भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। उसका शव घर में फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने बताया कि रुखसाना (40) पति रहीस खां ने घर में फांसी लगा ली। घटना सोमवार सुबह 10 बजे की है। एसआई गौरव नागावत ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची। शव को परिजन के साथ कन्नौद लाया गया। कन्नौद एसडीओपी केतन अडलक ने बताया कि कन्नौद के शासकीय अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। महिला के पति रहीस खां ने बताया कि मुकेश की मौत के बाद से वह दहशत में थी। इसलिए फांसी लगा ली होगी। पत्नी ने मुकेश के खिलाफ शिकायत की थी। थाने वाले बयान देने के लिए उसे बुला रहे थे। बता दें कि रुखसाना ने 26 दिसंबर को मुकेश लोंगरे के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। हालांकि यह रुखसाना का पहला आवेदन नहीं था। इससे पहले भी वह मुकेश के खिलाफ 3–4 आवेदन दे चुकी थी। बेटी घर लौटी तो मां को फंदे पर देखा
रुखसाना की बेटी मुस्कान ने बताया कि मैं सुबह करीब 11 बजे पैसे निकलवाने के लिए कियोस्क सेंटर गई थी। मां घर पर अकेली थी। आधे घंटे बाद जब घर लौटी तो मां फंदे पर लटकी हुई थी। पैर जमीन पर लटके हुए थे। गर्दन रस्सी से खींचा गई थी। महिला के पति ने कहा-मुकेश से कोई विवाद नहीं था
रुखसाना के पति रहीस खां ने बताया कि मुकेश के खिलाफ उसने थाने पर आवेदन दिया था। मुकेश की मौत के बारे हमें उस रात पता नहीं चला। सुबह सोकर उठे तो घर के बाहर पुलिस ही पुलिस थी। तब पुलिस वालों ने बताया कि मुकेश की मौत हो गई है। हमने मुकेश के साथ कोई मारपीट नहीं की थी। पुराना कोई झगड़ा नहीं था। वो दारू पीकर गाली-गलौज कर रहा था। इसके चलते थाने में आवेदन दिया था। उसने हमारे दामाद के मकान में काम किया था। जिसका 1500 रुपए दामाद से लेना था। उसको भी करीब 6–7 साल हो गए। मुकेश की मौत के मामले में वहीद सदर ने हमारे पास आकर कहा था कि पुलिस बहुत टॉर्चर कर रही हैं। तुम्हें गवाही देना पड़ेगी। रहीस ने बताया कि उसकी पत्नी को थाने से बयान के लिए बुलाया जा रहा था। वो किसी तरह के बयान नही देना चाहती थी। मुकेश के मर जाने की खबर के बाद से वो दशहत में थी। उसके बाद बयान देने की बात उसके दिमाग में घर कर गई। हो सकता है। इसी दबाव में आकर उसमें आत्महत्या कर ली। यह है पूरा मामला युवक के परिजनों ने पुलिस पर लगाया था हत्या का आरोप
मालागांव के रहने वाले मुकेश (35) पिता गबूलाल लोंगरे के खिलाफ एक महिला ने 26 दिसंबर को मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत की थी। इसी मामले में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। शाम को ही उसकी मौत हो गई। मुकेश के भांजे शिवराम ने पुलिस पर रिश्वत लेने और हत्या करने का आरोप लगाया। शिवराम ने बताया कि 28 दिसंबर की शाम 4 बजे दो पुलिसकर्मी मामा को हमारे सामने लेकर गए थे। हमारे सामने ही उनके साथ मारपीट की गई। थाने पहुंचे तो ASI सिद्धनाथ सिंह बैस ने 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। हम पैसे लेकर लौटे तो मामा को मृत हालत में अस्पताल ले जाया जा रहा था। परिजन ने रात में थाने का घेराव किया था। इस मामले में टीआई सतवास थाना प्रभारी आशीष राजपूत को सस्पेंड कर दिया गया था। दूसरे दिन 29 दिसंबर को भी लोगों ने थाने का घेराव किया था। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा भी इसमें शामिल हुए थे। उन्होंने पूरे थाना स्टाफ को बर्खास्त करने की मांग भी की थी। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, टीआई सस्पेंड देवास जिले के सतवास में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद थाने के बाहर धरने पर बैठे परिजन ने 12 घंटे बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया, तब जाकर परिजन माने। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और आजाद समाज पार्टी के नेता भी धरने पर बैठे थे। पूरी खबर पढ़ें राहुल बोले-देवास पुलिस की कस्टडी में हुई दलित की हत्या देवास के सतवास थाना में एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत को राहुल गांधी ने हत्या बताया है। राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि बीजेपी की मनुवादी सोच के कारण उनके शासन वाले राज्यों में ऐसी घटनाएं हो रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने X अकाउंट पर लिखा- देवास में दलित युवक की पुलिस कस्टडी में हत्या की गई, जो दुखद, शर्मनाक और अत्यंत निंदनीय है। पढ़ें पूरी खबर

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