कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं वायरल फीवर की चपेट में शिविर लगाकर की गई जांच

भास्कर न्यूज| चाईबासा राज्य स्तरीय 64वीं सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट के दूसरे दिन गुरुवार को प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, विशिष्ट अतिथि कांके विधायक सुरेश बैठा, रामगढ़ विधायक ममता देवी, राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन व राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीर सिंह सोरेन की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस दौरान कई रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। तत्पश्चात शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने खिलाड़ियों व आयोजन कमेटी के लोगों से मुलाकात की एवं फुटबॉल को किक मारकर खेल की विधिवत शुरुआत की। प्रतियोगिता के दूसरे दिन कोल्हान प्रमंडल की टीम का तीनों ही वर्गों में निराशाजनक प्रदर्शन रहा। अंडर 15 बालक वर्ग के प्रथम मैच में संथाल की टीम ने कोल्हान की टीम को 5-0 से हराया। जबकि दूसरे मैच में पलामू व कोल्हान की टीम के बीच हुआ। दोनों ही टीमों के द्वारा एक-एक गोल किया गया। जिसके कारण बराबरी पर मैच समाप्त हुआ। अंडर 17 बालक वर्ग का पहला मैच कोल्हान का संथाल के साथ हुआ जिसमें कोल्हान की टीम संथाल से दो बाल से हार गई। जबकि दूसरे मैच में कोल्हान की भिड़ंत उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल की टीम से हुई जिसमें कोल्हान की टीम पांच गोल से हारी। वहीं दूसरी ओर अंडर 17 बालिका वर्ग में कोल्हान की टीम का पहला मुकाबला पलामू के साथ हुआ जिसमें मैच बराबरी पर समाप्त हुआ। जबकि दूसरा मुकाबला कोल्हान का संथाल प्रमंडल के साथ हुआ जिसमें संथाल की टीम ने कोल्हान को 7 गोल से हराया। इस तरह दूसरे दिन प्रतियोगिता में कोल्हान प्रमंडल की टीम का बेहद खराब प्रदर्शन देखने को मिला। सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन शनिवार को होगी। भास्कर न्यूज| राजनगर राजनगर प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परिसर में गुरुवार को राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। विद्यालय की वार्डेन संध्या महतो के अनुरोध पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी छात्राओं की जांच कर आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। बताया गया कि बीते कुछ दिनों से कई छात्राएं लगातार बीमार पड़ रही थीं। वार्डेन ने बताया कि बीमार छात्राओं को राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर इलाज करवाया जा रहा था, लेकिन बड़ी संख्या में छात्राओं के अस्वस्थ होने के कारण विद्यालय परिसर में ही जांच शिविर लगाने की मांग की गई थी। इधर, छात्राओं के बीमार होने की सूचना मिलते ही कई अभिभावक विद्यालय पहुँच गए और अपनी बच्चियों को घर ले गए। विद्यालय की वार्डेन ने कहा कि यदि सभी बच्चियां घर चली जाएंगी तो उनकी पढ़ाई बाधित होगी। इसलिए विद्यालय परिसर में ही शिविर लगाकर उनका इलाज किया गया ताकि वे जल्द स्वस्थ होकर पढ़ाई जारी रख सकें।nशिविर में मौजूद डॉक्टर मनीष देमता ने बताया कि अधिकतर छात्राएं मौसमी बीमारी की शिकार हो रही हैं। सभी बीमार छात्राओं को दवा दे दी गई है और वे शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगी।

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