सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर पंचायती राज दिवस पर पंचायतों में हो रहे बदलाव की तस्वीर सामने आई है। शहर के आसपास के पंचायती राज के माध्यम से जन भागीदारी से कल्याण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इससे पंचायतों का विकास हुआ है और लोगों को सोचने समझने की प्रवृत्ति में भी बदलाव हुआ। महिलाओं को सशक्त बनाने की बात हो, बच्चों की शिक्षा हो, या फिर लोगों की आय बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। बड़ाबांकी के मुखिया राकेश मुर्मू अपने पंचायत को नशा मुक्त करने का अभियान चला रहे हैं तो पूर्वी हलुदबनी की मुखिया पानो मुर्मू महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का अभियान चला रही हैं। बड़ाबांकी पंचायत के मुखिया राकेश मुर्मू ने नशा मुक्ति और पौधरोपण का अभियान चलाया है। एक साल में पंचायत के सात में से चार गांव पूरी तरह नशा मुक्त हो गए हैं। बाकी तीन गांवों में जागरूकता अभियान जारी है। महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा गया है। हर दिन किसी न किसी इलाके में नशा के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा रही है। राकेश मुर्मू ने ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए खेतों में आम और अमरूद के पौधे लगवाए हैं। अब तक 40 एकड़ में चार हजार से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। फल आने पर ग्रामीणों की आमदनी बढ़ेगी। पूर्वी हलुदबनी पंचायत की मुखिया पानो मुर्मू ने महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सोहराय और कैनवास पेंटिंग का प्रशिक्षण शुरू कराया है। लड़कियों को मोटर मैकेनिकल का प्रशिक्षण दिलाया। छह लड़कियों को रोजगार भी मिला है। सिलाई और पेंटिंग का काम दिलाकर महिलाओं की आय का जरिया बनाया गया है। पानो मुर्मू ने गांव के बच्चों के लिए पहली से आठवीं तक की फ्री कोचिंग शुरू कराई है। इसके लिए एनजीओ की मदद ली गई है। पंचायत की पढ़ी-लिखी महिलाओं को शिक्षक बनाया गया है। पानो मुर्मू का कहना है कि महिलाएं सशक्त होंगी तो पंचायत मजबूत होगा।


