कांकेर में इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है, 56 वैगन वाली मालगाड़ी सोमवार को रावघाट पहुंची। ट्रेन दल्लीराजहरा से भानुप्रतापपुर और अंतागढ़ होते हुए रावघाट माइंस पहुंची जहां भिलाई स्टील प्लांट के लिए लौह अयस्क की लोडिंग की जाएगी। इस क्षेत्र में अब तक केवल डीजल इंजन से ट्रेनों का संचालन होता था, जिससे न केवल पर्यावरण प्रभावित होता था बल्कि परिचालन लागत भी अधिक थी। इलेक्ट्रिक ट्रेन के आने से प्रदूषण और परिवहन लागत कम होगी। विश्व का सबसे शक्तिशाली इंजन रायपुर रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल के मुताबिक, इस रूट पर चलने वाली ट्रेन पूर्णतः स्वदेशी WAG 12 इंजन से लैस है। यह थ्री फेज तकनीक पर आधारित ट्विन सेक्शन इंजन है, जो विश्व का सबसे शक्तिशाली इंजन माना जाता है। यह एक बार में 6000 मीट्रिक टन भार खींचने की क्षमता रखता है। क्या है रावघाट परियोजना? रावघाट परियोजना के तहत देव माइनिंग लिमिटेड से खनन किया गया लौह अयस्क अंतागढ़ रेलवे स्टेशन से होते हुए भानुप्रतापपुर के रास्ते भिलाई भेजा जाता है। इलेक्ट्रिक ट्रेन शुरू होने से रेलवे अधिकारियों, भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों में उत्साह का माहौल है। बता दें कि इस ट्रेन का संचालन भारत में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन की 100वीं वर्षगांठ के दिन (3 फरवरी) हुई है।


