कांगड़ा में भारी बारिश से दो लोगों की मौत:मकान ढहा, कई जगह लैंडस्लाइड; 100 से ज्यादा रूटों पर 53 बसें फंसी

कांगड़ा में शुक्रवार को भारी बारिश के कारण दो लोगों की मौत हो गई और एक मकान ढहा गया है। धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले में कई जगह अभी भी मूसलाधार बारिश जारी है। कई इलाकों से लैंडस्लाइड की खबर है। जिले की कई नदियां उफान पर है। इस भारी बारिश से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कों पर जलभराव और लैंडस्लाइड की घटनाओं ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दो लोगों की मौत हो गई जिसमें गुलेर गांव निवासी 76 वर्षीय कमल किशोर की फिसलन भरी स्थिति में ऊंचाई से गिरने से मौत हो गई। वहीं शाहपुर उपमंडल के रूलढ़ गांव में संजीव कुमार (41) पुत्र पृथ्ल्य कुमार की चट्टानों के खिसकने से मौत हो गई। प्रशासन ने दोनों परिवारों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 160 मकान और 150 गोशालाएं अब तक क्षतिग्रस्त
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक दिन में ही 30 मकान और 32 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इस मानसून सीजन में अब तक कुल 160 मकान और 150 गोशालाएं बारिश की भेंट चढ़ चुकी हैं। सराना गांव में ढहा आठ कमरों का मकान
बोडू सराना पंचायत के सराना गांव में शुक्रवार तड़के चार बजे ओम प्रकाश का आठ कमरों वाला पक्का मकान भारी बारिश के चलते जमींदोज हो गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन परिवार अब बेघर हो गया है। जमली में मूसलाधार बारिश, कई परिवार बेघर, आधा दर्जन मवेशियों की मौत
करेरी पंचायत के जमली गांव में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही मची। कई घरों को नुकसान पहुंचा, लोग बेघर हो गए और करीब आधा दर्जन पशुओं की मौत हो गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने गांव खाली करवाया। खतरा अभी टला नहीं है, बड़ी दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है। जल शक्ति विभाग की चुनौती बढ़ी
बारिश के कारण बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार शाम तक 40 से ज्यादा जल आपूर्ति लाइनें क्षतिग्रस्त पाई गईं। जल शक्ति विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं ताकि जरूरी सेवाएं जल्द बहाल की जा सकें। 100 से ज्यादा रूटों पर बसें प्रभावित, 53 बसें फंसी
परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह चरमराई हुई है। बारिश और भूस्खलन के कारण कांगड़ा क्षेत्र के 100 से ज्यादा रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। 53 बसें रास्ते में ही फंसी हुई हैं, जबकि कई रूटों पर परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। डीसी बोले- निगरानी रखी जा रही
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, इस 11 दिन की अवधि में 1090 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से कहीं ज्यादा है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 22 जुलाई से 1 अगस्त तक दिनभर बारिश का विवरण इस प्रकार रहा – 22 जुलाई को 75 मिमी, 23 जुलाई को 90 मिमी, 24 जुलाई को 110 मिमी, 25 जुलाई को 85 मिमी, 26 जुलाई को 120 मिमी, 27 जुलाई को 150 मिमी, 28 जुलाई को 100 मिमी, 29 जुलाई को 70 मिमी, 30 जुलाई को 95 मिमी, 31 जुलाई को 115 मिमी और 1 अगस्त को 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नदी-नालों के पास न जाने और पर्यटकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। कांगड़ा के डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि स्थिति पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। लोगों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

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