मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य गेट तक पहुंचकर धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्षद निधि में भ्रष्टाचार हुआ है और कांग्रेस पार्षदों के वार्डों के साथ जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि सत्ताधारी पक्ष के वार्डों में विकास कार्य हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्षदों के क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। सड़क, नाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे आवश्यक कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से एक माह के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए जिले के बाहर से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था। नगर पालिका परिसर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार मनेंद्रगढ़ को सौंपा। प्रशासन की ओर से जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं। भेदभाव के आरोपों को किया खारिज इस मामले में नगर पालिका के सीएमओ इसहाक खान ने बताया कि पार्षदों की नाराजगी पहली किस्त की पार्षद निधि को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस समय यह राशि खर्च हुई, उस समय वे यहां पदस्थ नहीं थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी खर्च राशि की जानकारी दे दी गई है। भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में सामान्य रूप से कार्य कराए जाते हैं।


