कांग्रेस में नेताओं और कार्यकर्ताओं को फील्ड में उतरकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ने और वोटों में बदलने का टास्क दिया गया है। संगठन को ग्रासरूट स्तर पर मजबूत बनाया जाएगा। स्थानीय नेताओं को इस काम में लगाया है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जल्द ही राजस्थान आकर मंडल अध्यक्षों से सीधी बात करेंगे। कांग्रेस में 2200 मंडल अध्यक्ष हैं। खड़गे संवाद बैठक लेकर टास्क देंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में दिल्ली में खड़गे को औपचारिक रूप से न्योता दिया है। खड़गे का जल्द ही राजस्थान दौरा होगा। कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक की जगह अभी तय नहीं है, लेकिन इसके लिए जयपुर में ही जगह देखी जा रही है। बैठक की जगह इसी सप्ताह फाइनल करने की तैयारी है। ग्रासरूट की टीम को बूथ मजबूत करने का टास्क
कांग्रेस के रणनीतिकारों ने फीडबैक दिया है कि बीजेपी से मुकाबले के लिए बूथ लेवल पर मजबूती से काम करना होगा। बीजेपी जिस तरह संगठनात्मक तैयारी और पूरे संगठन को लेकर काम करती है, उतना कांग्रेस नहीं कर पा रही। इस वजह से वोटर को बूथ तक लाने में कांग्रेस पिछड़ जाती है। कांग्रेस की संगठन से जुड़ी जमीनी खामियों को दूर करने के लिए मंडल अध्यक्षों को जिम्मा दिया गया है। जमीनी मुद्दों पर काम करने के लिए नए सिरे से रणनीति
कांग्रेस की हाल ही हुई बैठकों में संगठन को जमीनी स्तर पर एक्टिव करने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाई गई है। स्थानीय स्तर के मुद्दों को उठाने के लिए लोकल नेताओं को कहा गया है। बिजली, पानी से लेकर जनता से जुड़ी समस्याओं पर नेताओं को लोगों के साथ खड़े रहने के लिए कहा है। खड़गे की बैठक के बाद नए सिरे से मंडल अध्यक्षों को काम देंगे
कांग्रेस अध्यक्ष के साथ संवाद बैठक के बाद मंडल अध्यक्षों को मुद्दों से लेकर संगठन के कामों की नए सिरे से जिम्मेदारी दी जाएगी। कांग्रेस अब संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ बीजेपी सरकारों को घेरने वाले मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर भी नेताओं को सक्रिय कर रही है। डोटासरा बोले- ग्रासरूट तक संगठन को करेंगे मजबूत
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया- पार्टी के मंडल अध्यक्षों के साथ जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संवाद बैठक करेंगे। जमीनी स्तर पर हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय होकर सरकार की विफलताओं को उठाने का टास्क दिया है। कांग्रेस अब नीचे के लेवल तक हर छोटी-बड़ी समस्या में जनता के साथ खड़ी मिलेगी। दलितों, पिछड़ों और मूल वोट बैंक को जोड़े रखने के लिए नए सिरे से रणनीति
कांग्रेस नए सिरे से संगठन को मजबूत करने के अभियान के साथ अपने मूल वोट बैंक की भी सुध लेगी। दलितों और पिछड़ों को पार्टी से जोड़ने के लिए उनसे जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि दलित, पिछड़े वोट बैंक पर पहले जैसी पकड़ नहीं रही है, कांग्रेस नेताओं को इस दिशा में काम करने का टास्क मिला है। अहमदाबाद सम्मेलन में खुद राहुल गांधी ने यह बात उठाई थी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के अलवर राम मंदिर में जाने के बाद बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा के गंगाजल छिड़कने के मुद्दे को कांग्रेस इसी रणनीति के तहत आगे भी मजबूती से उठाएगी। इस मुद्दे पर कांग्रेस बीजेपी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाकर नरेटिव बनाने के प्रयास में है। दलितों से होने वाले छुआछूत को आगे भी मुद्दा बनाया जाएगा। …. यह खबर भी पढ़ें… डोटासरा बोले-मदन राठौड़ भाजपा का सत्यानाश करके मानेंगे:कहा- ट्रांसफर में मंत्रियों ने बाजार में दलाल छोड़ रखे है;जूली बोले-खर्रा की बात सरकार नहीं मानती


