भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया मंगलवार को हसदेव अरण्य के खनन प्रभावित हरिहरपुर गांव पहुंचे। उन्होंने जनसभा में कहा कि कोल ब्लॉक को अवैध तरीके से मंजूरी दी गई और पेड़ों की कटाई हो रही है। डॉ. भूरिया ने छत्तीसगढ़ सरकार पर पेसा कानून की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वे राहुल गांधी को इस स्थिति से अवगत कराएंगे। डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ा है। हसदेव अरण्य में खनन के नाम पर स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो संविधान के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस मामले को विधानसभा और संसद में उठाया जाएगा, ताकि पूरा देश हसदेव का सच जानें। ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं, खनन से आजीविका पर संकट
हरिहरपुर में आयोजित जनसभा में बलरामपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिलों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने खनन से जुड़ी अपनी समस्याएं सामने रखीं। उन्होंने बताया कि खदानों के विस्तार से पानी, जंगल, जमीन, रोजगार, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम सभाओं के प्रस्तावों के बिना आगे बढ़ाए जा रहे प्रोजेक्ट्स से विश्वासघात की स्थिति बन रही है। डा. भूरिया ने कहा कि केते एक्सटेंशन सहित कोल परियोजनाओं के लिए ग्रामसभा की वैधानिक सहमति नहीं ली गई। ग्राम सभा की भूमिका को लगातार कमजोर किया जा रहा है। हसदेव अरण्य जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में परियोजनाओं के विस्तार से जैव विविधता और स्थानीय समुदायों का भविष्य खतरे में है। राहुल गांधी से मिलकर रखेंगे वस्तुस्थिति
डॉ. भूरिया ने कहा कि वे राहुल गांधी से मुलाकात कर सरगुजा संभाग में खनिज संसाधनों के दोहन के नाम पर संविधान, पेसा कानून और नियमों की अनदेखी की वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जा सके। भानू प्रताप को रोका, ग्रामीणों से विवाद डा. भूरिया के आगमन और आमसभा में शामिल होने हरिहरपुर पहुंचे अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह को खदान समर्थक ग्रामीणों की भीड़ ने रोक लिया। इससे दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई। भानू प्रताप सिंह ने कहा कि वे प्रशासन को सूचना देकर आए हैं। खदान समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मर्जी से जमीन दे चुके हैं और खदानों में नौकरी कर रहे हैं। इसका विरोध ठीक नहीं है। दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बनने पर उदयपुर टीआई ने मामला शांत कराया और ग्रामीणों को हटाकर भानू प्रताप सिंह के लिए मार्ग क्लियर किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी
जनसभा के बाद हसदेव को बचाने की अपील करते हुए सरकार के विरोध में ग्रामीणों ने जमकर नारे लगाए। कार्यक्रम में सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह सहित हसदेव बचाव आंदोलन से जुड़े रामलाल, मुनेश्वर, सुनीता, विद्या सागर आयम, त्रिभुवन सिंह, जगत आयम, संतोष पावले, शिवभजन मरावी, आनंद कुंवर, रामलखन सिंह, रामकुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।


