उदयपुर में एक नेत्री के एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले को लेकर आज उदयपुर कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। कलेक्टरी के बाहर प्रदर्शन भी किया गया। ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उदयपुर में दर्ज एक हाई प्रोफाइल प्रकरण में पुलिस की संदिग्ध भूमिका, निर्दोष परिजनों एवं मोहल्लावासियों के साथ कथित दुर्व्यवहार मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ के नेतृत्व में आज राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के नाम जिला कलेक्टर नमित मेहता को एक विस्तृत ज्ञापन दिया गया। राठौड़ ने बताया कि ज्ञापन में उदयपुर में दर्ज एक हाई प्रोफाइल प्रकरण में पुलिस की संदिग्ध भूमिका, निर्दोष परिजनों एवं मोहल्लावासियों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा पुलिस की मौजूदगी में असामाजिक तत्वों द्वारा घरों में तोड़फोड़ किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि उक्त प्रकरण के बाद शहर में भय एवं अविश्वास का वातावरण व्याप्त हो गया है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता के परिजनों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया तथा पूरे मोहल्ले के निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। राठौड़ ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा घरों में तोड़फोड़ की गई, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई, इस विषय की भी जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से करवाई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा तोड़फोड़ करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं। साथ ही उन्होंने अधिवक्ता के कार्यालय एवं निवास से जो कुछ पुलिस ने जब्त किया है उन साक्ष्यों को स्वतंत्र एजेंसी के संरक्षण में सुरक्षित रखने की भी मांग की गई। अध्यक्ष के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, महासचिव पंकज शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश शर्मा, संगठन महामंत्री अरुण टांक, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, पूर्व देहात जिला अध्यक्ष कचरू लाल चौधरी थे। प्रवक्ता शिवशंकर मेनारिया ने बताया कि इस अवसर पर शहर उपाध्यक्ष दीपक व्यास, दीपक सुखाडिया, महासचिव दिनेश कुमार दवे, मोहसिन खान, अमित श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सोनी, महिला जिला अध्यक्ष तारिका भानु प्रताप सिंह, भगवती डांगी, पंकज सुखवाल, शहर ओबीसी अध्यक्ष देवेंद्र माली, शहर अनुसूचित जाति अध्यक्ष शंकर चंदेल, रेखा डांगी आदि मौजूद रहे। यह था पूरा मामला
पांच दिन पहले उदयपुर की एक महिला नेता ने एक एडवोकेट के खिलाफ ब्लैकमेल करने और आईटी एक्ट में गंभीर आरोप लगाए और थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया कि वह पिछले एक साल से आरोपी के ऑफिस में जूनियर के रूप में काम कर रही थी। आरोपी वकालत के काम और क्लाइंट्स से मिलने के लिए मुझे कार से ले जाता था। इस मामले में पुलिस ने अधिवक्ता को घर से डिटेन किया था। कांग्रेस ने इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच करने की मांग की।


