मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता केपी-2 एक बार फिर बारां जिले के रामगढ़ क्षेत्र में पहुंच गया है। दो महीने में यह दूसरी बार है, जब चीता यहां आया है। शिकार करने के बाद चीता पिछले दो दिनों से सरसों के एक खेत में आराम कर रहा है। विश्व प्रसिद्ध रामगढ़ क्रेटर एरिया में चीता केपी-2 पिछले चार दिनों से बांझ आमली कंजर्वेशन रिजर्व से रामगढ़ कंजर्वेशन रिजर्व सहित आसपास के खेतों में घूम रहा है। भास्कर टीम ने पशुपालकों से मिली जानकारी के आधार पर चीते का पता लगाया। टीम कूल नदी और चंद्रपुरा के आसपास सरसों व गेहूं के खेतों, नदी के किनारों और बीहड़ों से होते हुए उस खेत तक पहुंची, जहां चीता आराम कर रहा था। चीता केपी-2 की निगरानी में कूनो और स्थानीय वन विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। चीते के गले में बंधी कॉलर डिवाइस और रडार एंटीना के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। कूनो नेशनल पार्क की टीम के अलावा राजस्थान के वनकर्मी भी 24 घंटे उस पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों को चीता मूवमेंट वाले इलाकों में न जाने की समझाइश दी जा रही है। वन विभाग के अनुसार चीता के यहां पहुंचने का मुख्य कारण रामगढ़ क्रेटर के पीछे बहने वाली कूल नदी है। यह क्षेत्र बीहड़ों, संकरी पगडंडियों, घाटियों और खुले मैदानों से घिरा है। कूल नदी में पानी की पर्याप्त उपलब्धता है और यहां नीलगाय सहित अन्य शिकार भी आसानी से उपलब्ध हैं, जो चीते के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। शिकार भी कर रहा है चीता
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से प्राकृतिक काॅरिडोर से चीता केपी-2 करीब 90 किमी की दूरी तय करके पहुंचा है। चीता केपी-2 इससे पहले 27 नवंबर को रामगढ़ पहुंच गया था। यहां उसने पांच बार शिकार भी किया, जिसे 13 दिसंबर को ट्रेंकुलाइज करके कूनो की टीम वापस ले गई। करीब दो महीने बाद ही 14 फरवरी को बांझ आमली से होकर चीता केपी-2 फिर से रामगढ़ क्षेत्र में पहुंच गया है। यहां फिर से 16 फरवरी को नीलगाय का शिकार किया है। भारत में ही जन्मा है केपी-2
वन विभाग के अनुसार अफ्रीका से लाए गए चीता ओवान-आशा के तीन शावक हैं। इनमें केपी-1, केपी-2 और केपी-3 हैं। इनमें से केपी-2 की मूवमेंट राजस्थान की ओर से हैं। इसकी उम्र करीब ढाई साल है। चीता जहां जाता है, उसके एक किमी एरिया में ट्रेकिंग की जाती है। साथ ही वह जिस दिशा में जाता है उससे 50 से 100 मीटर दूरी पर रहकर मॉनिटरिंग की जाती है। अग्नि ने की शुरुआत, केपी-2 पहुंचा दूसरी बार
चीता अग्नि केलवाड़ा रेंज से जुड़े जैतपुरा में 25 दिसंबर 2023 को पहुंचा था, जिसे उसी दिन कूनो पार्क की टीम ट्रेंकुलाइज करके वापस ले गई। फरवरी 2024 में चीता वीरा 6 से 10 फरवरी तक चार दिन शाहाबाद कंजर्वेशन रिजर्व में रहकर लौट गई। पिछले साल मार्च में चीता आशा उसके शावकों के साथ राजस्थान बॉर्डर के इलाकों में घूमती रही। पिछले साल ही नंवबर-दिसंबर में चीता केपी-2 रामगढ़ में रहा। रामगढ़ है भारत का पहला भू विरासत स्थल
राजस्थान सरकार ने बारां जिले में स्थित लगभग 165 मिलियन वर्ष पुराने रामगढ़ क्रेटर को आधिकारिक तौर पर भारत के पहले भू-विरासत स्थल दे रखी है। इसे एक प्रमुख भू-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह देश में उल्कापिंड के प्रभाव से निर्मित एक अनूठा खगोलीय स्थल है। रामगढ़ में 1440 हैक्टेयर और कुंजी सुवांस में 2368 सहित कुल 3808 हैक्टेयर में कंजर्वेशन रिजर्व घोषित है। रामगढ़ स्थित पुष्कर झील को वेटलैंड घोषित है। रामगढ़ में है मिनी खजुराहो और पहाड़ी पर अन्नपूर्णा कृष्णाइ माता मंदिर है।


