अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा वोट चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे देशव्यापी महाअभियान के तहत 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली की तैयारियों को लेकर रविवार को विधायक दीपचन्द खैरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। 3 हजारा से ज्यादा कार्यकर्ता लेंगे भाग विधायक खैरिया के निजी सहायक सुनील कान्त गोल्डी ने बताया- यह खैरथल-तिजारा जिले की पहली बैठक थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों से करीब 3 हजार से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ता रैली में भाग लेने का लक्ष्य रखा गया। ‘रैली होगी ऐतिहासिक’ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और नवनियुक्त जिला प्रभारी फूलसिंह ओला ने कहा- यह रैली देशभर में लोकतंत्र की रक्षा का बिगुल साबित होगी। लाखों कांग्रेसी रामलीला मैदान में जुटकर चुनाव प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक मजबूत संदेश देंगे। उन्होंने जिले से ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान किया। विधायक खैरिया ने दिए निर्देश विधायक दीपचन्द खैरिया ने ब्लॉक एवं मंडल अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अभियान चलाते हुए अधिकतम कार्यकर्ताओं को दिल्ली लेकर पहुंचे। वहीं, मुंडावर विधायक ललित यादव ने कहा- ये रैली चुनाव व्यवस्था में कथित धांधलियों व लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ जनता की आवाज बनेगी। ‘बीजेपी-चुनाव आयोग मिलकर परिणाम को प्रभावित कर रहें’ तिजारा के पूर्व विधायक संदीप यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा- यह रैली वोट चोरों के चंगुल से लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई की सिर्फ शुरुआत है। प्रोटोकॉल उल्लंघन पर निंदा प्रस्ताव पारित बैठक में कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री व अलवर सांसद भूपेन्द्र यादव द्वारा किशनगढ़बास में किए गए विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक दीपचन्द खैरिया का नाम शिलापट्टिकाओं में शामिल नहीं करने पर कड़ा विरोध जताया। इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के खिलाफ भी निंदा प्रस्ताव पारित कर उन्हें तत्काल पदमुक्त करने की मांग की गई।


