चाईबासा। झालसा रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में 6 से 20 जुलाई तक चले 15 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से दिव्यांगजनों की जानकारी लेकर उनके लिए जांचोपरांत आवश्यक प्रमाण पत्र बनवा कर डीएलएसए चाईबासा परिसर में वितरित किया गया था। प्रमाण पत्र वितरण के दौरान जिला जज ने दो दिव्यांगजनों को चिह्नित करते हुए उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाने का निर्देश सचिव रवि चौधरी को दिया। चौधरी ने शहर के रूंगटा मैरिज हाउस में मारवाड़ी युवा मंच की चाईबासा शाखा के द्वारा लगाए गए नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम के अध्यक्ष आशीष चौधरी और वरीय सदस्य हर्ष सु्ल्तानिया से संपर्क कर मंच के सहयोग से दोनों लाभुकों के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवा दिया है। इस महत्वपूर्ण कार्य में डीएलएसए के सहायक मोहम्मद नदीम, अधिकार मित्र जया, एजाज हुसैन, विकास दोदराजका, परवीन सुल्ताना आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चाईबासा। संगठन सृजन वर्ष 2025 के तहत प्रखंड कांग्रेस कमेटी, खूंटपानी के तत्वावधान में बुधवार को प्रखंड अंतर्गत दस पंचायत के अध्यक्षों को नियुक्ति पत्र देने के लिए एक सादे समारोह का आयोजन पांड्राशाली चौक में किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सकारी दोंगो ने की। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रखंड पर्यवेक्षक अशोक बारीक तथा जिला प्रशिक्षक समीर सुंडी उपस्थित थे। सभी पंचायत अध्यक्षों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया और शुभकामनाएं दी गई। प्रखंड पर्यवेक्षक बारीक ने कहा कि कांग्रेस संगठन ने जो सम्मान दिया है, वह गौरव की बात है। उन्होंने पदाधिकारियों से संगठन के कार्यों को ईमानदारी पूर्वक निभाने, जनता की समस्याओं को दूर करने का आह्वान किया। वहीं,जिला प्रशिक्षक सुंडी ने भी प्रशिक्षण देते हुए अपनी बातों को रखा एवं संगठन की मजबूती हेतु अपना मार्गदर्शन दिया। मौके पर शिक्षा विभाग चेयरमैन पुरुषोत्तम दास पान, मंडल अध्यक्ष अशोक मुंडरी, ओबीसी प्रखंड अध्यक्ष हरिचरण कुम्हार, सांसद प्रतिनिधि रेंगो पूर्ति, पंचायत अध्यक्ष कुंडुवा बोदरा आदि उपस्थित थे। गुआ। गुआ कुसुम घाट स्थित मां काली का वस्त्र बदल भव्य रूप से सज्जा की गई। अमावस्या पर धूमधाम से काली पूजा की जाएगी। मां काली मंदिर में भोग प्रसाद वितरण करने का आयोजन रखा गया है। पुजारी मानस पाणीग्रही ने बताया कि मां काली से श्रद्धा पूर्वक जो भी मन्नते मांगी जाती है वह पूरी हो जाती है। अमावस्या के दिन काली माता की पूजा, विशेष रूप से, निशिता काल (मध्यरात्रि) में की जाती है । यह पूजा भक्तों को नकारात्मक ऊर्जा और बुराई से बचाने, आत्मविश्वास और साहस बढ़ाने और जीवन में आने वाली कठिनाइयों से मुक्ति पाने के लिए की जाती है।


