पन्ना में गुरुवार को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान इंदौर दूषित पानी से मौतों के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 11 जनवरी 2026 को इंदौर में प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च निकालने की घोषणा की गई। दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1000 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। गणपति मंदिर से शुरू होगा पैदल मार्च कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष अनीस खान ने सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन की लापरवाही का परिणाम है। कांग्रेस का दावा है कि सरकार नागरिकों के जीवन के प्रति गंभीर नहीं है और प्रशासन इस त्रासदी को रोकने में विफल रहा। अनीस खान ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन रविवार, 11 जनवरी को सुबह 11 बजे बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होगा। पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए राजवाड़ा चौक स्थित माँ अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल पर समाप्त होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, हजारों कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल होंगे। महापौर को हटाने, विजयवर्गीय के इस्तीफे की रखेंगें मांग कांग्रेस पार्टी ने पैदल मार्च के माध्यम से सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें इंदौर के महापौर को तत्काल पद से हटाना और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से उनके विवादित बयानों के लिए इस्तीफा लेना शामिल है। पार्टी ने सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपए के मुआवजे को अपर्याप्त बताया है और प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। न्याय न मिलने तक आंदोलन की दी चेतावनी कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि यह पैदल मार्च केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि जनता के सम्मान और जीवन के अधिकार की लड़ाई है। पार्टी ने कहा है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों को सजा नहीं दी जाती, तब तक कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।


