रायपुर के प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में हजारों छात्रों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक नहीं मिलने के मामले में रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया गया था। ये कार्रवाई कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि विकास तिवारी की शिकायत पर की गई थी। जिसके बाद संयुक्त संचालक (शिक्षा संभाग रायपुर) राकेश कुमार पांडेय ने तत्काल प्रभाव से मामले की जांच के लिए निर्देशित किया है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल रायपुर को पूरे मामले की वस्तुस्थिति को स्पष्ट करते हुए तथ्यात्मक जानकारी भेजने के निर्देश दिए थे। पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय खंडेलवाल ने कहा था कि पैसों की उगाही के लिए उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। अब ये मामला कोर्ट-कचहरी तक पहुंच सकता है। दरअसल, कांग्रेस नेता और प्रवक्ता विकास तिवारी ने खंडेलवाल की प्रतिक्रिया पर मानहानि का नोटिस भेजा है। सात दिनों के भीतर मांगी सफाई तिवारी ने 7 दिनों के भीतर खंडेलवाल से लिखित में माफीनामा और आरोपों की सफाई मांगी है। ऐसा न होने की स्थिति में मानहानि का दावा न्यायालय में दायर करने की बात कही गई है। तिवारी ने बताया कि उनके खिलाफ झूठे आरोप सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। इससे उनकी प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है। इस मामले को लेकर कई लोग उनसे व्यक्तिगत रूप से पूछताछ कर चुके हैं, जिससे उन्हें मानसिक क्षति भी हुई है।


