बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की मांग की गई है। कांग्रेस ने बताया कि शासन द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान उपार्जन का निर्धारण किया गया है, लेकिन बीजापुर जिले में इसका पालन नहीं हो रहा है। कलेक्टर बीजापुर और अनुविभागीय अधिकारी भोपालपटनम ने आदेश दिए हैं कि धान उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल से ज्यादा धान न खरीदी जाए। कांग्रेस ने इन आदेशों पर तत्काल रोक लगाकर पूर्व की भांति 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का आदेश जारी करने की मांग की है। कांग्रेस ने धान खरीद सीमा बढ़ाने का किया प्रस्ताव ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की दैनिक सीमा को कम से कम 5000 क्विंटल किया जाए। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई बाधा नहीं आएगी और प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस ने वनभूमि पट्टाधारी किसानों की समस्या पर भी ध्यान आकर्षित किया। जिले में सात हजार से अधिक ऐसे किसान हैं, जिनका खाद्य विभाग ‘एग्रीस्टेक’ के नाम पर पंजीकरण नहीं कर रहा है। इस कारण ये किसान अपनी उपज धान उपार्जन केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे वे हताश और परेशान हैं। कांग्रेस ने अन्य किसानों की तरह वनभूमि पट्टाधारी किसानों का भी ‘एग्रीस्टेक’ कर धान खरीदने की मांग की है। आखिरी मांग में कहा गया है कि गिरदावरी के नाम पर किसानों के कृषि रकबे को जानबूझकर कम किया जा रहा है। इससे किसान शासन द्वारा निर्धारित प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान नहीं बेच पा रहे हैं।


